--विज्ञापन यहां--

सोशल मीडिया पर वायरल कंटेंट के साथ बढ़ा फर्जी विज्ञापनों का खतरा, यूजर्स को सतर्क रहने की जरूरत

पटना:

फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इन दिनों वायरल वीडियो और ट्रेंडिंग कंटेंट की भरमार है। लेकिन इस डिजिटल मनोरंजन के पीछे एक बड़ा खतरा लगातार पैर पसार रहा है—फर्जी और भ्रामक विज्ञापन। साइबर अपराधियों ने अब लोगों को ठगने के लिए ट्रेंडिंग वीडियो और वायरल गानों की आड़ में स्पॉन्सरशिप ऐड्स (Sponsered Ads) का इस्तेमाल शुरू कर दिया है, जिससे आम यूजर्स आसानी से साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो रहे हैं।

कैसे बनाया जा रहा शिकार?

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, ठग सोशल मीडिया पर भारी डिस्काउंट वाले प्रॉडक्ट्स, बिना मेहनत के घर बैठे लाखों कमाने वाली वर्क-फ्रॉम-होम स्कीम्स, शेयर बाजार में गारंटेड रिटर्न के झूठे वादे और नामचीन ब्रांड्स के फर्जी ऑफर्स वाले स्पॉन्सर्ड विज्ञापन चलाते हैं।

  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का गलत इस्तेमाल: अब अपराधी AI और डीपफेक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके मशहूर हस्तियों या बड़े उद्योगपतियों के फर्जी वीडियो बनाकर लोगों का भरोसा जीत रहे हैं।
  • फिशिंग लिंक्स का जाल: इन विज्ञापनों पर ‘Buy Now’ या ‘Click Here’ का बटन होता है, जिसपर क्लिक करते ही यूजर एक फर्जी ई-कॉमर्स वेबसाइट या मालवेयर लिंक पर पहुंच जाते हैं।

धोखाधड़ी से बचने के लिए सावधानियां:

क्या करें? (Safety Dos)क्या न करें? (Safety Don’ts)
विज्ञापन में दिए गए लिंक की जगह सीधे आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।भारी डिस्काउंट या ‘फ्री ऑफर’ देखकर बिना जांचे क्लिक न करें।
किसी भी शॉपिंग वेबसाइट के URL में https:// और पैडलॉक (ताले का निशान) जरूर चेक करें।अनजान विज्ञापनों के जरिए कोई भी ऐप डाउनलोड या इंस्टाल न करें।
संदिग्ध विज्ञापनों की तुरंत प्लेटफॉर्म पर ‘Report’ दर्ज करें।क्रेडिट/डेबिट कार्ड या यूपीआई पिन कभी किसी अनजान लिंक पर दर्ज न करें।

व्हाट्सएप से जुड़ें

अभी जुड़ें

टेलीग्राम से जुड़ें

अभी जुड़ें

इंस्टाग्राम से जुड़ें

अभी जुड़ें

यह भी पढ़ें