
आयोग ने जारी की 32,388 पदों की भर्ती, लेकिन अभ्यर्थियों का प्रदर्शन जारी
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की चौथे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) के शेड्यूल और नियमों में संभावित बदलावों को लेकर बिहार में छात्र आंदोलन एक बार फिर उग्र रूप ले चुका है। राजधानी पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर छात्र नेता दिलीप कुमार के नेतृत्व में सैकड़ों अभ्यर्थियों ने “छात्र न्याय सत्याग्रह” के तहत अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू किया। छात्रों के बढ़ते विरोध और बड़े आंदोलन की चेतावनी के बीच बिहार लोक सेवा आयोग ने तुरंत एक्शन लेते हुए 32,388 शिक्षक पदों के लिए आधिकारिक भर्ती अधिसूचना (Notification) जारी कर दी, जिसके लिए ऑनलाइन आवेदन 1 सितंबर से 30 सितंबर के बीच स्वीकार किए जाएंगे।
हालाँकि, आयोग द्वारा विज्ञापन जारी कर दिए जाने के बावजूद अभ्यर्थियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ है और उन्होंने गर्दनीबाग धरना स्थल पर अपना आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है।
अभ्यर्थियों की मुख्य चिंताएं और मांगें
अभ्यर्थियों और छात्र संगठनों का कहना है कि सरकार और आयोग भर्ती प्रक्रिया के नियमों में ऐसे बदलाव कर रहे हैं, जो लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य रूप से निम्नलिखित मुद्दों पर सरकार के सामने अपनी मांगें रखी हैं:
- एक ही चरण (Single Exam) में परीक्षा का आयोजन: अभ्यर्थियों का आरोप है कि आयोग TRE-4 में प्रारम्भिक (PT) और मुख्य (Mains) जैसी दोहरी परीक्षा प्रणाली और नेगेटिव मार्किंग का पैटर्न लागू करने की योजना बना रहा है। छात्रों का स्पष्ट तर्क है कि जब CTET, STET और B.Ed/D.El.Ed जैसी पात्रता परीक्षाएं पहले ही ली जा चुकी हैं, तो भर्ती को दो चरणों में उलझाकर वर्षों तक लटकाने की कोशिश न की जाए। यदि कोई नया परीक्षा पैटर्न या बदलाव लागू करना है, तो उसे TRE-5 से लागू किया जाए।
- पारदर्शिता और डोमिसाइल नीति: आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री और शिक्षा विभाग को पत्र सौंपकर मांग की है कि भर्ती प्रक्रिया में डोमिसाइल नीति को सख्ती से लागू किया जाए ताकि स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता मिले। साथ ही, परीक्षा में धांधली और पेपर लीक रोकने के लिए सख्त और पारदर्शी कदम उठाए जाएं।
- अन्य लंबित बहालियों का निपटारा: प्रदर्शनकारी केवल TRE-4 तक सीमित न रहकर BSSC की परीक्षाओं में संविदा कर्मियों का वेटेज खत्म करने और वर्षों से लंबित लाइब्रेरियन बहाली को जल्द पूरा करने की मांग भी उठा रहे हैं।
विपक्ष का समर्थन और राजनीतिक हलचल
गर्दनीबाग में चल रहे इस अनशन को राजनीतिक समर्थन भी मिल रहा है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और सीपीआई (माले) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य समेत कई प्रमुख नेताओं ने धरना स्थल पहुंचकर अभ्यर्थियों से मुलाकात की। तेजस्वी यादव ने अभ्यर्थियों की मांगों को जायज ठहराते हुए घोषणा की है कि वे सड़क से लेकर विधानसभा तक छात्रों की आवाज उठाएंगे और राजभवन मार्च में भी बेरोजगारी व भर्ती संबंधी गड़बड़ियों के मुद्दों को प्रमुखता से शामिल करेंगे।
अभ्यर्थियों ने साफ कर दिया है कि केवल विज्ञापन का लॉलीपॉप देने से आंदोलन खत्म नहीं होगा; जब तक सरकार परीक्षा को एक ही चरण में कराने और अन्य शर्तों पर लिखित स्पष्टीकरण जारी नहीं करती, तब तक अनशन जारी रहेगा।













