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AI Voice Scam से रहें सावधान, आपकी आवाज की नकल कर ठगी कर सकते हैं साइबर अपराधी

पटना: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराधियों के तरीके भी लगातार बदल रहे हैं। अब ठगी के लिए सिर्फ फर्जी कॉल, लिंक या OTP का सहारा नहीं लिया जा रहा, बल्कि AI की मदद से किसी व्यक्ति की आवाज की नकल कर Voice Scam किया जा सकता है। साइबर अपराधी कुछ सेकंड की उपलब्ध ऑडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर आवाज जैसी सुनाई देने वाली नकली आवाज तैयार कर लोगों को भ्रमित करने की कोशिश कर सकते हैं।

करीबी रिश्तेदार की आवाज बनाकर हो सकती है ठगी

AI Voice Scam में अपराधी किसी परिचित या रिश्तेदार की आवाज जैसी आवाज का इस्तेमाल कर सकते हैं। कॉल करने वाला खुद को बेटा, बेटी, भाई, दोस्त या कोई अन्य परिचित बताकर अचानक पैसे की जरूरत होने की बात कह सकता है। कई मामलों में अपराधी ऐसी स्थिति बनाने की कोशिश करते हैं जिसमें सामने वाले व्यक्ति के पास सोचने या सत्यापन करने का समय न रहे।

उदाहरण के लिए कॉल पर कहा जा सकता है कि किसी दुर्घटना या परेशानी के कारण तुरंत पैसे भेजने की जरूरत है। आवाज परिचित लगने के कारण लोग घबराकर बिना जांच किए पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं। यही वजह है कि सिर्फ आवाज सुनकर किसी व्यक्ति की पहचान पर भरोसा करना सुरक्षित नहीं है।

सोशल मीडिया से जुटाई जा सकती है जानकारी

साइबर अपराधी संभावित पीड़ित के बारे में जानकारी सोशल मीडिया प्रोफाइल, सार्वजनिक वीडियो और दूसरी ऑनलाइन गतिविधियों से जुटाने की कोशिश कर सकते हैं। जन्मदिन, परिवार के सदस्यों के नाम, नौकरी, शहर और दोस्तों से जुड़ी जानकारी का इस्तेमाल करके कॉल को ज्यादा विश्वसनीय बनाया जा सकता है।

इसलिए सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारी साझा करते समय सावधानी बरतना जरूरी है। सार्वजनिक रूप से उपलब्ध वीडियो और ऑडियो का इस्तेमाल दुरुपयोग के लिए किया जा सकता है।

अचानक पैसे मांगने वाली कॉल पर रहें अलर्ट

अगर किसी परिचित की आवाज में अचानक पैसे भेजने, बैंक डिटेल देने या किसी लिंक पर क्लिक करने के लिए कहा जाए तो तुरंत भरोसा न करें। कॉल काटकर उस व्यक्ति के पहले से सेव किए गए मोबाइल नंबर पर खुद कॉल करके पुष्टि करें। जरूरत पड़ने पर परिवार के किसी अन्य सदस्य से भी संपर्क कर जानकारी सत्यापित की जा सकती है।

साथ ही किसी भी व्यक्ति के कहने पर OTP, UPI PIN, ATM PIN, CVV या इंटरनेट बैंकिंग पासवर्ड साझा नहीं करना चाहिए। बैंक या कोई वैध संस्था आमतौर पर ऐसी गोपनीय जानकारी फोन पर मांगने के नाम पर आपसे नहीं लेती।

AI Voice Scam से बचने के लिए अपनाएं ये सावधानियां

किसी परिचित की आवाज में अचानक इमरजेंसी बताकर पैसे मांगे जाएं तो पहले उसकी पहचान दूसरे माध्यम से सत्यापित करें। फोन पर जल्दबाजी में आर्थिक फैसला न लें। सोशल मीडिया अकाउंट की Privacy Settings मजबूत रखें और अपनी व्यक्तिगत जानकारी तथा अनावश्यक फोटो-वीडियो को सार्वजनिक करने से बचें।

परिवार में पहले से एक Secret Code Word भी तय किया जा सकता है। यदि किसी सदस्य की आवाज में संदिग्ध कॉल आए तो उस व्यक्ति से तय किए गए शब्द या किसी निजी सवाल के जरिए पहचान की पुष्टि की जा सकती है।

ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत

अगर AI Voice Scam या किसी अन्य साइबर फ्रॉड में पैसे चले जाते हैं तो शिकायत करने में देरी नहीं करनी चाहिए। भारत में साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की सूचना 1930 साइबर हेल्पलाइन पर दी जा सकती है। इसके अलावा National Cyber Crime Reporting Portal के माध्यम से भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है।

AI तकनीक का इस्तेमाल जहां सुविधाओं और नए अवसरों के लिए हो रहा है, वहीं इसका दुरुपयोग साइबर अपराधियों के लिए भी चुनौती बन रहा है। ऐसे में आवाज परिचित होने का मतलब यह नहीं कि कॉल करने वाला व्यक्ति वास्तव में वही है। किसी भी आपात स्थिति में घबराने के बजाय रुकें, सत्यापन करें और उसके बाद ही कोई आर्थिक कदम उठाएं।

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