नई दिल्ली/पटना: बिहार में परीक्षा प्रणाली, पेपर लीक और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच राजनीति गरमा गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने हाल ही में प्रदर्शन के दौरान घायल हुए बिहार के छात्रों से दिल्ली स्थित अपने आवास पर मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने केंद्र और बिहार की एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला है।

क्या है पूरा मामला?
बिहार के सीवान और अन्य हिस्सों में प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और रोजगार की मांग को लेकर छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई में बल प्रयोग और कथित तौर पर गोलीबारी की घटनाएं सामने आईं, जिसमें कई छात्र घायल हो गए।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक वीडियो साझा कर बताया कि इस कार्रवाई में घायल हुए तीन छात्रों—मोहम्मद आरिफ, बुलेट कुमार गौड़ और आकाश कुमार—ने उनसे मुलाकात कर आपबीती सुनाई।
राहुल गांधी के मुख्य बिंदु और सरकार से सवाल
- टूटे सपनों पर सवाल: राहुल गांधी ने कहा कि बुलेट कुमार नाम के छात्र के पैर की हड्डी AK-47 की गोली से टूट गई। उन्होंने सवाल उठाया, “इन बच्चों ने केवल तीन चीजें मांगी थीं—शिक्षा, रोजगार और जवाबदेही। क्या सरकार इन बच्चों के टूटे हुए सपनों को वापस लौटा सकती है?”
- इलाज की जिम्मेदारी: कांग्रेस नेता ने वादा किया कि वे दिल्ली में घायल छात्र का बेहतर इलाज कराएंगे और पूरी मदद देंगे।
- अधिकारियों पर ठीकरा फोड़ने का आरोप: राहुल गांधी ने कहा कि प्रशासन छोटे अधिकारियों पर जिम्मेदारी डालकर बच नहीं सकता; इस बर्बरता का जवाब सीधे सरकार को देना होगा।
प्रशासन और बिहार सरकार का रुख
- सुप्रीम कोर्ट में पुलिस की सफाई: सीवान में हुई घटना को लेकर राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि भीड़ से घिरने के बाद एक पुलिस कांस्टेबल ने हवा में हवाई फायरिंग की थी।
- कार्रवाई: मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है और विभागीय जांच जारी है।
आगे की राह (Next for Bihar)
बिहार में आने वाले समय में युवाओं और रोजगार के मुद्दे पर सियासत और तेज होने के संकेत हैं:
| क्षेत्र | क्या हो सकता है आगे? |
| राजनीतिक हलचल | विपक्षी दल (कांग्रेस और राजद) इस मुद्दे को लेकर विधानसभा से लेकर सड़कों तक राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज कर सकते हैं। |
| परीक्षा सुधार की मांग | राज्य में भर्ती परीक्षाओं में पूरी पारदर्शिता लाने और पारदर्शी डिजिटल ट्रैकिंग लागू करने के लिए सरकार पर दबाव बढ़ेगा। |
| कानून-व्यवस्था समीक्षा | छात्र प्रदर्शनों के दौरान पुलिस द्वारा अत्यधिक बल प्रयोग और हथियारों के इस्तेमाल की समीक्षा व सख्त मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) की मांग उठेगी। |













