
पटना:
बिहार में 70वीं BPSC प्रारंभिक परीक्षा, BPSC TRE-4 (शिक्षक भर्ती परीक्षा) और परीक्षा सुधारों को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन अब बड़े सियासी मोड़ पर पहुंच गया है। गर्दनीबाग धरना स्थल पर चल रहे छात्रों के ‘न्याय सत्याग्रह’ और पटना की सड़कों पर हुए पुलिस-छात्र टकराव के बाद केंद्रीय मंत्री व लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों की मांगों का खुलकर समर्थन किया है।
गर्दनीबाग धरना स्थल पहुंचे चिराग, लिया ज्ञापन
मंगलवार देर रात केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान खुद पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच पहुंचे। वहां उन्होंने बिहार स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष दिलीप कुमार और विभिन्न अभ्यर्थियों से मुलाकात की तथा उनका 15 सूत्री मांग पत्र स्वीकार किया।
- अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें:
- BPSC TRE-4 में पदों की संख्या बढ़ाना, परीक्षा को एक ही चरण (Single Exam) में कराना और नेगेटिव मार्किंग हटाना।
- 70वीं BPSC परीक्षा प्रणाली में सुधार व पारदर्शिता सुनिश्चित करना।
- BSSC परीक्षाओं से संविदा वेटेज की व्यवस्था को समाप्त करना।
- डोमिसाइल नीति (बिहार के स्थानीय युवाओं को वरीयता) पर विचार।
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात और बातचीत की अपील
गर्दनीबाग में छात्रों से ज्ञापन लेने के बाद चिराग पासवान ने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की और छात्रों की 15 सूत्री मांगों को उनके समक्ष रखा।
- संवाद से निकले समाधान: चिराग पासवान ने कहा, “छात्र कड़ी धूप और गर्मी में हफ्तों से सड़कों पर बैठने को मजबूर हैं। लोकतंत्र में दमन नहीं, बल्कि बातचीत ही हर समस्या का समाधान है। सरकार को अभ्यर्थियों की जायज मांगों पर संवेदनशीलता से विचार करना चाहिए।”
- लाठीचार्ज पर जताई नाराजगी: छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज और वाटर कैनन के इस्तेमाल को उन्होंने अनुचित बताया और कहा कि युवाओं पर बल प्रयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
- BPSC अधिकारी के बयान का विरोध: चिराग पासवान ने BPSC परीक्षा नियंत्रक के विवादित बयानों की भी आलोचना की और स्पष्ट किया कि वह अभ्यर्थियों का अपमान करने वाली किसी भी बयानबाजी का समर्थन नहीं करते।
पटना में भारी बवाल और विरोध मार्च
इससे पहले, मंगलवार को हजारों की संख्या में अभ्यर्थियों ने पटना में मुख्यमंत्री आवास घेराव और राजभवन मार्च का आह्वान किया था।
- जेपी गोलंबर और डाकबंगला चौराहा के पास अभ्यर्थियों ने पुलिस बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास किया।
- सुरक्षाबलों और पुलिस द्वारा छात्रों को रोकने के लिए वाटर कैनन और हल्के बल का प्रयोग किया गया, जिसके बाद कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया गया।
विपक्ष का हमला और सरकार की प्रतिक्रिया
छात्र आंदोलन पर सरकार और विपक्ष दोनों ओर से बयानबाजी जारी है:
- विपक्ष का रुख: राजद और कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि सरकार युवाओं को रोजगार देने के बजाय उन पर लाठियां चला रही है।
- एनडीए सरकार का पक्ष: एनडीए नेताओं का कहना है कि सरकार छात्रों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने चिराग पासवान की मौजूदगी में आश्वासन दिया है कि अभ्यर्थियों की चिंताओं और तकनीकी पहलुओं पर जल्द ही सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।













