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भारत में AI टैलेंट की मांग लगातार बढ़ी, नई तकनीकी नौकरियों के लिए बदल रहा स्किल बाजार

नई दिल्ली: भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल तेजी से बढ़ने के साथ ही AI स्किल वाले प्रोफेशनल्स की मांग भी लगातार बढ़ रही है। कंपनियां अब केवल पारंपरिक सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट या डेटा साइंस तक सीमित नहीं हैं, बल्कि AI को अपने कारोबार में लागू करने वाले विशेषज्ञों की तलाश कर रही हैं। भारत सरकार के अनुसार, जनवरी 2023 से मार्च 2025 के बीच दक्षिण एशिया में AI से जुड़ी नौकरियों की हिस्सेदारी 2.9% से बढ़कर 6.5% हो गई, जबकि AI स्किल की मांग गैर-AI भूमिकाओं की तुलना में 75% तेजी से बढ़ी।

भारत की स्थिति वैश्विक स्तर पर भी मजबूत बनी हुई है। Stanford AI Index 2025 के आंकड़ों का हवाला देते हुए सरकार ने बताया है कि भारत AI टैलेंट हासिल करने की दर में दुनिया में सबसे आगे है, जहां वार्षिक AI hiring rate करीब 33% रहा। इसके अलावा भारत में AI स्किल की relative penetration वैश्विक औसत की तुलना में 2.5 गुना अधिक बताई गई है।

AI जॉब मार्केट में सबसे बड़ा बदलाव भूमिकाओं के स्वरूप में देखने को मिल रहा है। अब कंपनियों को केवल Machine Learning या Data Science विशेषज्ञों की जरूरत नहीं है। GenAI Engineer, AI Architect, Agentic AI Developer और AI implementation से जुड़े प्रोफेशनल्स जैसी नई भूमिकाएं तेजी से सामने आ रही हैं। इसका संकेत इस बात से मिलता है कि कंपनियां AI मॉडल बनाने के साथ-साथ उन्हें वास्तविक कारोबारी प्रक्रियाओं में लागू करने और AI एजेंट तैयार करने पर अधिक जोर दे रही हैं।

इस बदलाव के साथ भारतीय स्किल मार्केट में भी तेजी से परिवर्तन हो रहा है। AI के साथ डेटा एनालिटिक्स, क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सिक्योरिटी, डिजिटल स्किल और डोमेन नॉलेज का महत्व बढ़ रहा है। NIIT India Skills Gap Report 2026 के मुताबिक AI, साइबर सिक्योरिटी, डिजिटल और डेटा स्किल भविष्य के रोजगार के लिए महत्वपूर्ण क्षमताओं के रूप में उभर रही हैं।

AI का असर सिर्फ आईटी कंपनियों तक सीमित नहीं है। स्वास्थ्य, कृषि, मैन्युफैक्चरिंग, बैंकिंग, शिक्षा और सरकारी सेवाओं जैसे क्षेत्रों में भी AI आधारित समाधान तेजी से अपनाए जा रहे हैं। ऐसे में आने वाले समय में उन उम्मीदवारों को फायदा मिल सकता है जो अपने पारंपरिक क्षेत्र के ज्ञान के साथ AI टूल्स और डेटा आधारित तकनीकों को समझते हैं। सरकार भी AI को रोजगार और युवाओं की स्किलिंग के लिए महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देख रही है।

वहीं, कंपनियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती पर्याप्त प्रशिक्षित प्रतिभा उपलब्ध कराना बनी हुई है। भारत में Global Capability Centres (GCCs) का विस्तार और AI आधारित काम बढ़ने के साथ इंजीनियरिंग और एडवांस टेक्नोलॉजी स्किल वाले प्रोफेशनल्स की जरूरत बढ़ रही है। इससे संकेत मिलता है कि आने वाले वर्षों में केवल डिग्री नहीं, बल्कि प्रैक्टिकल AI स्किल, प्रोजेक्ट अनुभव और लगातार upskilling नौकरी पाने और करियर में आगे बढ़ने के लिए ज्यादा महत्वपूर्ण होंगे।

कुल मिलाकर, भारत का टेक जॉब बाजार एक नए चरण में प्रवेश कर रहा है। AI जहां कुछ पारंपरिक कार्यों को बदल रहा है, वहीं नई भूमिकाओं और विशेषज्ञताओं के लिए अवसर भी पैदा कर रहा है। ऐसे में छात्रों और नौकरीपेशा युवाओं के लिए AI को केवल एक अलग टेक्नोलॉजी के तौर पर नहीं, बल्कि अपने मौजूदा कौशल के साथ जोड़ने वाली एक जरूरी करियर स्किल के रूप में देखना महत्वपूर्ण होगा।

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