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अश्मिता चालिहा ने रचा इतिहास: बैडमिंटन में भारत को दिलाया ‘विक्टर कोरिया मास्टर्स 2026’ का खिताब

इंचियोन/गुवाहाटी (न्यूज़ नेक्स्ट बिहार):

भारतीय बैडमिंटन स्टार अश्मिता चालिहा ने दक्षिण कोरिया के इंचियोन (आसान) में खेले गए विक्टर कोरिया मास्टर्स 2026 सुपर-300 बैडमिंटन टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक जीतकर नया इतिहास रच दिया है। महिला एकल (Women’s Singles) के रोमांचक फाइनल मुकाबले में गुवाहाटी की 26 वर्षीय बाएं हाथ की शटलर अश्मिता ने चीन की चौथी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी हान चियान शी (Han Qian Xi) को 14-21, 21-14, 21-14 से हराकर अपने करियर का पहला BWF वर्ल्ड टूर खिताब जीता।

इस शानदार जीत के साथ अश्मिता चालिहा कोरिया मास्टर्स का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं।

🏸 फाइनल मुकाबले का रोमांचक मोड़

  • पहला गेम: मैच की शुरुआत में अश्मिता ने 9-5 की शुरुआती बढ़त बनाई, लेकिन कोर्ट के एक तरफ से हवा (ड्रिफ्ट) की वजह से शटल पर नियंत्रण में परेशानी हुई। चीनी खिलाड़ी हान चियान शी ने इसका फायदा उठाकर लगातार अंक बटोरे और पहला सेट 21-14 से अपने नाम कर लिया।
  • दूसरा गेम: दूसरे सेट में साइड बदलने के साथ ही अश्मिता ने जोरदार वापसी की। अपने आक्रामक जंप स्मैश और मजबूत डिफेंस के दम पर उन्होंने बढ़त बनाई और दूसरा सेट 21-14 से जीतकर मुकाबला बराबरी पर ला खड़ा किया।
  • निर्णायक तीसरा गेम: निर्णायक गेम में मुकाबला कांटे का रहा। ब्रेक के समय अश्मिता 9-11 से पीछे थीं, लेकिन इसके बाद उन्होंने कोर्ट पर जबरदस्त नियंत्रण दिखाते हुए लगातार 7 अंक हासिल किए और चीनी प्रतिद्वंद्वी को वापसी का कोई मौका न देते हुए अंतिम सेट 21-14 से जीतकर 53 मिनट में ऐतिहासिक खिताबी जीत दर्ज की।

🏆 चोट के बाद शानदार वापसी की मिसाल

अश्मिता चालिहा के लिए यह जीत कई मायनों में बेहद खास है।

  1. गंभीर चोट से उबरीं: साल 2024 में कोरिया ओपन के दौरान ही उनके दाहिने घुटने में गंभीर चोट (मेनिस्कस टियर) लगी थी, जिससे उबरने के लिए उन्हें सर्जरी और महीनों के रिहैबिलिटेशन से गुजरना पड़ा था।  
  2. सख्त मेहनत और ट्रेनिंग: गुवाहाटी स्थित नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में दक्षिण कोरियाई कोच पार्क ताए-सांग के मार्गदर्शन में ट्रेनिंग लेते हुए अश्मिता ने अपनी फिटनेस और खेल पर काम किया।  
  3. दिग्गजों की सूची में नाम: साइना नेहवाल और पीवी सिंधु जैसी दिग्गजों के बाद BWF सुपर 300 या उससे ऊपर का खिताब जीतने वाली अश्मिता चुनिंदा भारतीय महिला खिलाड़ियों के एलीट क्लब में शामिल हो गई हैं।  

💬 जीत के बाद क्या बोलीं अश्मिता?

“यह पल मेरे लिए अविश्वसनीय और बेहद खास है। पहले गेम में ड्रिफ्ट कंडीशन के कारण नियंत्रण थोड़ा कठिन था, लेकिन दूसरे और तीसरे गेम में मैंने परिस्थितियों के अनुसार रणनीति बदली। इस जीत का पूरा श्रेय मेरे कोच पार्क ताए-सांग को जाता है। यह तो बस शुरुआत है, अब मैं और ज्यादा खिताब जीतने के लिए भूखी हूँ।” 

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