
दार्जिलिंग: ब्राजील के दिग्गज फुटबॉलर और 2002 फीफा वर्ल्ड कप विजेता कप्तान काफू इस सप्ताह भारत दौरे पर आ रहे हैं। काफू 6 सितंबर को पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग पहुंचेंगे, जहां वे एक प्रस्तावित स्पोर्ट्स एंड वेलनेस रिसॉर्ट की आधारशिला रखने के साथ दो नई फ्यूत्सल टीमों को लॉन्च करेंगे।
काफू दार्जिलिंग के आर्या टी एस्टेट में प्रस्तावित Sidra Hills Sports & Wellness Resort की आधारशिला कार्यक्रम में शामिल होंगे। यह टी एस्टेट दार्जिलिंग शहर से करीब 10 किलोमीटर दूर है। आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम का आयोजन 6 सितंबर को दोपहर 1 बजे लेबोंग स्थित गोर्खा स्टेडियम में किया जाएगा। जगह और लॉजिस्टिक से जुड़ी दिक्कतों के कारण कार्यक्रम को चाय बागान के फुटबॉल ग्राउंड से बड़े स्टेडियम में स्थानांतरित किया गया है।
काफू इस मौके पर आर्या टी गार्डन से जुड़ी दो नई फ्यूत्सल टीमों Darjeeling Warriors FC और North Bengal Fighters FC को भी लॉन्च करेंगे। कार्यक्रम के दौरान दोनों टीमों के बीच मुकाबला भी आयोजित किए जाने की योजना है। इससे दार्जिलिंग के फुटबॉल प्रेमियों के बीच इस आयोजन को लेकर उत्साह बढ़ गया है।
काफू की भारत यात्रा का महत्व इसलिए भी खास है क्योंकि वह ब्राजील के सबसे सफल फुटबॉल खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं। उन्होंने ब्राजील के लिए 1994 से 2006 के बीच चार विश्व कप खेले और 20 विश्व कप मैचों में हिस्सा लिया। वह 1994 और 2002 में विश्व कप जीतने वाली ब्राजील टीम का हिस्सा रहे, जबकि 1998 में फाइनल तक पहुंचने वाली टीम में भी शामिल थे।
2002 में काफू ने ब्राजील की कप्तानी करते हुए टीम को जर्मनी के खिलाफ 2-0 की जीत दिलाकर पांचवीं बार विश्व कप चैंपियन बनाया था। फीफा रिकॉर्ड के मुताबिक, वह लगातार तीन विश्व कप फाइनल खेलने वाले इकलौते खिलाड़ी हैं।
दार्जिलिंग में प्रस्तावित स्पोर्ट्स एंड वेलनेस रिसॉर्ट आर्या टी गार्डन की पर्यटन विकास योजना का हिस्सा है। करीब 300 एकड़ में फैला यह चाय बागान 1885 में स्थापित हुआ था। इस परियोजना के जरिए क्षेत्र में खेल और पर्यटन को एक साथ बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है। काफू जैसे विश्व प्रसिद्ध फुटबॉलर की मौजूदगी से इस पहल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिलने की उम्मीद है।
काफू के दौरे को दार्जिलिंग की पुरानी फुटबॉल संस्कृति से भी जोड़कर देखा जा रहा है। पहाड़ी क्षेत्र में फुटबॉल का गहरा जुड़ाव रहा है और यहां से कई खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। ऐसे में विश्व कप विजेता कप्तान का यहां पहुंचना स्थानीय खिलाड़ियों और युवा फुटबॉल प्रतिभाओं के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है।













