पटना: स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर सोमवार को पटना में ‘हर घर तिरंगा अभियान-2026’ के तहत भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा का नेतृत्व मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया। मुख्यमंत्री खुद हाथ में तिरंगा लेकर यात्रा में शामिल हुए और जेपी गोलंबर से कारगिल चौक तक करीब 1.5 किलोमीटर पैदल चले।
यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों ने हाथों में तिरंगा लेकर हिस्सा लिया। कार्यक्रम को लेकर पटना में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे और यात्रा मार्ग को तिरंगा थीम से सजाया गया था।
महात्मा गांधी की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण
तिरंगा यात्रा में शामिल होने से पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी गांधी मैदान पहुंचे, जहां उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस दौरान मंत्री दिलीप जायसवाल और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी भी मौजूद रहे।
इसके बाद मुख्यमंत्री जेपी गोलंबर पहुंचे और तिरंगा यात्रा में शामिल हुए।
10 से 17 अगस्त तक चलेगा अभियान
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में 10 से 17 अगस्त तक तिरंगा यात्रा का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए तिरंगे को देश की एकता, अखंडता, साहस, त्याग और बलिदान का प्रतीक बताया।
उन्होंने बिहार के लोगों से तिरंगा यात्रा में बढ़-चढ़कर शामिल होने की अपील की। उनके अनुसार प्रखंड, जिला और राज्य स्तर पर भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
38 जिलों और 534 प्रखंडों में होंगे कार्यक्रम
बिहार सरकार के कला, संस्कृति एवं युवा विभाग की ओर से 10 से 17 अगस्त तक तिरंगा यात्रा समेत कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। राज्य के 38 जिलों और 534 प्रखंडों में कार्यक्रम आयोजित किए जाने हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने इन कार्यक्रमों के लिए ₹6.12 करोड़ की राशि उपलब्ध कराई है। 534 प्रखंडों और 38 जिलों को कार्यक्रम के लिए एक-एक लाख रुपये दिए गए हैं, जबकि राज्यस्तरीय आयोजन के लिए ₹25 लाख निर्धारित किए गए हैं।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, ट्रैफिक में बदलाव
तिरंगा यात्रा को देखते हुए पटना पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए। यात्रा मार्ग पर बैरिकेडिंग की गई और पर्याप्त संख्या में पुलिस बल एवं दंडाधिकारियों की तैनाती की गई।
यात्रा के दौरान जेपी गोलंबर से रामगुलाम चौक होते हुए कारगिल चौक तक वाहनों के परिचालन पर रोक लगाई गई। गांधी मैदान और आसपास के इलाकों में भी कार्यक्रम की समाप्ति तक ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव किया गया।
आपात स्थिति के लिए अस्थायी अस्पताल
बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को देखते हुए गांधी मैदान के गेट नंबर 7 और 1 पर दो अस्थायी अस्पताल बनाए गए। दोनों जगह डॉक्टर, नर्स और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती की गई। आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक दवाओं और एंबुलेंस की भी व्यवस्था की गई।
14 अगस्त को मनाया जाएगा विभाजन विभीषिका दिवस
तिरंगा यात्रा के साथ-साथ 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका दिवस भी मनाया जाएगा। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को 1947 के विभाजन की त्रासदी और उस दौरान लोगों को झेलनी पड़ी परेशानियों के बारे में जानकारी देना है।













