
बिहार-उत्तर प्रदेश के बीच पहला मुकाबला
राजगीर: बिहार क्रिकेट के लिए एक ऐतिहासिक अध्याय शुरू होने जा रहा है। राजगीर इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम पहली बार BCCI के सीनियर घरेलू क्रिकेट मुकाबले की मेजबानी करने जा रहा है। आगामी रणजी ट्रॉफी 2026-27 में बिहार की टीम अपने घरेलू मुकाबले इसी नए स्टेडियम में खेलेगी।
राजगीर में होने वाला पहला मुकाबला बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच खेला जाएगा। यह मैच 11 अक्टूबर 2026 से शुरू होने वाला है। इसके साथ ही राजगीर का नया स्टेडियम पहली बार फर्स्ट-क्लास क्रिकेट की मेजबानी करेगा।
बिहार-उत्तर प्रदेश के बीच पहला मुकाबला
बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के अनुसार, 2026-27 रणजी ट्रॉफी में बिहार के तीन घरेलू मुकाबले राजगीर में आयोजित किए जाएंगे। पहला मुकाबला बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच 11 अक्टूबर को होगा।
इसके बाद बिहार की टीम 17 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर के खिलाफ और 24 जनवरी 2027 को विदर्भ के खिलाफ घरेलू मुकाबला खेलेगी।
पटना के मोइन-उल-हक स्टेडियम की जगह राजगीर
इस बार बिहार के घरेलू रणजी मुकाबले पटना के मोइन-उल-हक स्टेडियम की जगह राजगीर में आयोजित किए जाएंगे। मोइन-उल-हक स्टेडियम के पुनर्विकास का काम चल रहा है, जिसके कारण बिहार क्रिकेट एसोसिएशन ने राजगीर को घरेलू मुकाबलों के लिए चुना है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से लैस है स्टेडियम
राजगीर क्रिकेट स्टेडियम को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया गया है। यहां 13 क्रिकेट पिचें तैयार की गई हैं, जिनमें सात ब्लैक-सॉयल और छह रेड-सॉयल पिच शामिल हैं।
स्टेडियम के आउटफील्ड में आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम भी तैयार किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, भारी बारिश के बाद मैदान को करीब 30 मिनट में खेलने योग्य बनाने के उद्देश्य से ड्रेनेज व्यवस्था विकसित की गई है।
दर्शकों को लेकर अभी स्थिति अलग
पहले रणजी मुकाबले को लेकर क्रिकेट प्रेमियों में उत्साह है, लेकिन स्टेडियम के दर्शक स्टैंड का काम अभी पूरा नहीं हुआ है। ऐसे में शुरुआती मुकाबलों में दर्शकों को स्टेडियम के अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं मिलने की संभावना है।
वैभव सूर्यवंशी पर भी रहेगी नजर
बिहार क्रिकेट के युवा सितारे वैभव सूर्यवंशी के भी रणजी मुकाबलों में बिहार की ओर से खेलने की संभावना है। हालांकि उनकी उपलब्धता भारतीय टीम के कार्यक्रम और अंतरराष्ट्रीय ड्यूटी पर निर्भर करेगी।
राजगीर में रणजी मुकाबलों के आयोजन से बिहार को अपने नए अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट स्टेडियम को सीनियर क्रिकेट के मंच पर स्थापित करने का मौका मिलेगा। साथ ही राज्य में क्रिकेट के बुनियादी ढांचे और खिलाड़ियों को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर भी यह महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।













