
बिहार के युवाओं के लिए बड़ा मौका, पटना और बिहटा में खुलेंगे नए Skill Centres; AI-Drone की मिलेगी ट्रेनिंग
पटना। बिहार के युवाओं और महिलाओं के लिए कौशल विकास के क्षेत्र में एक बड़ी पहल सामने आई है। राज्य में दो महत्वपूर्ण Skill Centres स्थापित किए जाने की तैयारी है। इनमें बिहटा में National Skill Training Institute for Women (NSTI-W) का स्थायी कैंपस और पटना में Skill India International Centre (SIIC) शामिल है। इन केंद्रों के जरिए युवाओं को आधुनिक तकनीक, व्यावसायिक प्रशिक्षण और विदेशों में रोजगार के लिए जरूरी कौशल से जोड़ने की योजना है।
बिहटा में करीब ₹100 करोड़ से बनेगा NSTI-W कैंपस
बिहटा में National Skill Training Institute for Women का स्थायी कैंपस लगभग ₹99.97 करोड़ की लागत से विकसित किया जाएगा। प्रस्तावित परिसर में प्रशासनिक भवन, अकादमिक सुविधाएं और छात्राओं के लिए हॉस्टल जैसी सुविधाएं होंगी।
कैंपस के शुरू होने के बाद यहां हर साल करीब 435 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण देने की क्षमता होगी। संस्थान में Craftsmen Training Scheme (CTS) और Craft Instructor Training Scheme (CITS) के तहत करीब 13 ट्रेड संचालित किए जाने की योजना है।
AI और Drone Technology की भी मिलेगी ट्रेनिंग
इस Skill Centre की सबसे खास बात यह है कि प्रशिक्षण केवल पारंपरिक ट्रेड तक सीमित नहीं रहेगा। प्रस्तावित पाठ्यक्रमों में नई तकनीक से जुड़े क्षेत्र भी शामिल हैं।
इनमें प्रमुख रूप से:
- Artificial Intelligence और Programming Assistant
- Drone Technician
- Solar Technician
- Radiology Technician
- Electronics
- Fashion Design
जैसे ट्रेड शामिल हैं।
इससे बिहार की छात्राओं और युवाओं को तेजी से बदलती तकनीकी जरूरतों के अनुसार रोजगारपरक प्रशिक्षण मिलने की उम्मीद है।
महिलाओं के लिए खास अवसर
NSTI-W Patna बिहार में महिलाओं के लिए केंद्र सरकार का विशेष Skill Training Institute है। अभी यह संस्थान अस्थायी परिसर से संचालित हो रहा है।
स्थायी कैंपस बनने के बाद प्रशिक्षण क्षमता और सुविधाओं का विस्तार किया जा सकेगा। इससे तकनीकी और vocational education में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
पटना में खुलेगा Skill India International Centre
दूसरी बड़ी पहल पटना में Skill India International Centre (SIIC) की स्थापना है। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से करीब ₹7 करोड़ की सहायता दी जाएगी।
इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य बिहार के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय रोजगार बाजार के लिए तैयार करना होगा।
चार विदेशी भाषाओं की भी ट्रेनिंग
विदेश में रोजगार तलाशने वाले युवाओं के लिए SIIC में foreign-language training की व्यवस्था होगी।
यहां:
- English
- German
- Japanese
- French
भाषाओं की ट्रेनिंग दी जाएगी।
इसके अलावा international placement counselling, certification assistance और विदेश जाने से पहले जरूरी orientation भी उपलब्ध कराया जाएगा।
विदेश जाने वाले युवाओं को Safe Migration की जानकारी
विदेश में नौकरी के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी से बचाने के लिए SIIC में safe-migration support पर भी ध्यान दिया जाएगा।
युवाओं को recruitment process, employment requirements और विदेश जाने से पहले जरूरी प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी।
यह पहल उन युवाओं के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है जो Gulf countries, Europe, Japan या दूसरे international markets में रोजगार की तलाश करते हैं।
किन क्षेत्रों में मिलेगा प्रशिक्षण?
SIIC में अंतरराष्ट्रीय रोजगार की मांग के अनुरूप कई क्षेत्रों में प्रशिक्षण देने की योजना है।
इनमें शामिल हैं:
| क्षेत्र | संभावित अवसर |
|---|---|
| Electrical Services | Skilled Technician |
| Plumbing | International Jobs |
| Construction | Skilled Workforce |
| Agriculture | Modern Agriculture Jobs |
| Language Training | Overseas Employment |
| Certification | International Job Requirements |
प्रशिक्षण को international occupational standards और overseas employers की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने की योजना है।
बिहार के युवाओं के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह पहल?
बिहार की बड़ी युवा आबादी के लिए रोजगार और skill development लंबे समय से महत्वपूर्ण मुद्दे रहे हैं। नई तकनीकों के आने के साथ कंपनियों को ऐसे युवाओं की जरूरत बढ़ रही है जिनके पास केवल सामान्य शैक्षणिक डिग्री ही नहीं, बल्कि practical और industry-ready skills भी हों।
AI, drones, solar technology और advanced technical trades जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण युवाओं को नए रोजगार क्षेत्रों के लिए तैयार कर सकता है।
AI और Drone Sector में बढ़ते अवसर
AI और Drone Technology का इस्तेमाल अब केवल technology companies तक सीमित नहीं है।
Drone का इस्तेमाल:
- Agriculture
- Surveying
- Mapping
- Infrastructure inspection
- Disaster management
- Logistics
जैसे क्षेत्रों में भी बढ़ रहा है।
इसी तरह AI का इस्तेमाल IT, banking, healthcare, manufacturing और कई दूसरे क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है।
ऐसे में इन क्षेत्रों में शुरुआती स्तर पर ही training मिलने से युवाओं को future-oriented careers के लिए तैयार करने में मदद मिल सकती है।
Skill से रोजगार और रोजगार से आत्मनिर्भरता
इन दोनों केंद्रों का उद्देश्य केवल certificate देना नहीं बल्कि युवाओं को industry-oriented skills और रोजगार के अवसरों से जोड़ना है।
एक तरफ बिहटा का NSTI-W महिलाओं के technical training opportunities को बढ़ाएगा, वहीं पटना का SIIC युवाओं को international employment की दिशा में तैयार करेगा।
सरकार की पहल से क्या बदलेगा?
इन दोनों परियोजनाओं के जरिए बिहार में skill ecosystem को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है।
अगर प्रशिक्षण के साथ पर्याप्त industry linkage, placement support और practical exposure उपलब्ध कराया जाता है, तो इससे युवाओं को नौकरी के साथ-साथ entrepreneurship के अवसर भी मिल सकते हैं।
निष्कर्ष
बिहार में बिहटा और पटना में प्रस्तावित ये दोनों Skill Centres राज्य के युवाओं के लिए महत्वपूर्ण अवसर लेकर आ सकते हैं। बिहटा में महिलाओं के लिए AI, Drone और दूसरी तकनीकी ट्रेनिंग का विस्तार होगा, जबकि पटना का Skill India International Centre युवाओं को विदेशी भाषा, international certification और overseas employment की तैयारी में मदद करेगा।
खास तौर पर AI और Drone Technology जैसे emerging sectors को training programmes में शामिल किया जाना इस पहल को भविष्य की रोजगार जरूरतों से जोड़ता है।
बिहार के युवाओं के लिए अब skill का मतलब सिर्फ नौकरी की तैयारी नहीं, बल्कि देश और विदेश दोनों जगह नए career opportunities की तैयारी बनता जा रहा है।











