विश्वप्रसिद्ध श्रावणी मेला के अवसर पर विश्वभर से लाखों श्रद्धालु उत्तरवाहिनी गंगा नदी सुल्तानगंज (अजगैवीनाथ धाम) से पवित्र जल भरकर लगभग 105 किलोमीटर की पैदल काँवर यात्रा करते हुए बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) जलार्पण हेतु पहुँच रहे हैं। इस यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन और रेलवे द्वारा व्यापक स्तर पर विशेष तैयारियाँ की गई हैं:
🚆 स्पेशल ट्रेनें और रेलवे की व्यवस्थाएं
- विशेष श्रावणी ट्रेनों का संचालन: पूर्व मध्य रेलवे (ECR) और पूर्व रेलवे (ER) द्वारा पटना, जयनगर, रक्सौल, नरकटियागंज, रांची, गोरखपुर, बरहनी और हावड़ा जैसे प्रमुख शहरों से देवघर, जसीडीह, बासुकीनाथ और सुल्तानगंज के बीच दर्जनों स्पेशल (अनारक्षित एवं आरक्षित) ट्रेनें चलाई जा रही हैं।
- सुल्तानगंज स्टेशन पर अतिरिक्त ठहराव: अजगैवीनाथ धाम (सुल्तानगंज) स्टेशन पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आधा दर्जन से अधिक प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों (जैसे भागलपुर-अजमेर, मालदा टाउन-आनंद विहार, कामाख्या-गया आदि) को 2 से 5 मिनट का अस्थायी अतिरिक्त ठहराव दिया गया है।
- अतिरिक्त कोच और फेरे: भीड़ को नियंत्रित करने के लिए नियमित ट्रेनों में अतिरिक्त कोच जोड़े गए हैं तथा मेमू (MEMU) सेवाओं के फेरे बढ़ाए गए हैं।
⛺ काँवरियों एवं श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख सुविधाएं
- स्टेशनों पर यात्री सुविधाएं: सुल्तानगंज, जसीडीह, देवघर और बासुकीनाथ स्टेशनों पर अतिरिक्त एटीएम (ATM), यूटीएस (UTS) मोबाइल टिकटिंग स्टॉल, विशेष सहायता केंद्र (Help Desk), खोया-पाया केंद्र तथा 24×7 मेडिकल सहायता शिविर स्थापित किए गए हैं।
- काँवर पथ पर व्यवस्था: 105 किमी लंबे काँवरिया मार्ग पर श्रद्धालुओं के विश्राम के लिए जर्मन हैंगर वाटरप्रूफ टेंट, कालीन (बालू पर चलने की राहत हेतु), निर्बाध पेयजल, रोशनी (लाइटिंग) और शौचालय व्यवस्था की गई है।
- गंगा घाटों पर सुरक्षा: सुल्तानगंज के सीढ़ी घाट और नमामि गंगे घाट पर सुरक्षित स्नान हेतु मजबूत बैरिकेडिंग की गई है और एनडीआरएफ (NDRF) / एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को तैनात रखा गया है।
- सुरक्षा एवं निगरानी: पूरे मेला क्षेत्र, रेलवे स्टेशनों और काँवर पथ पर सीसीटीवी कैमरों (CCTV) और ड्रोन से निगरानी रखी जा रही है तथा भारी संख्या में पुलिस बल व आरपीएफ (RPF) जवान तैनात किए गए हैं।












