मानसून यानी बारिश के मौसम में सुहावने मिज़ाज के साथ-साथ इन्फेक्शन, सर्दी-जुकाम, फ्लू और पाचन से जुड़ी समस्याएं भी तेजी से फैलती हैं। यही वजह है कि इन दिनों इम्युनिटी बढ़ाने के लिए हर्बल ड्रिंक्स (Herbal Drinks) का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है।
रसोई में आसानी से मिलने वाले मसालों और जड़ी-बूटियों से बने ये पेय पदार्थ न सिर्फ इम्यून सिस्टम को मजबूत करते हैं, बल्कि शरीर को डिटॉक्स कर मौसमी बीमारियों से भी बचाते हैं।
🍵 बारिश में डाइट में शामिल करें ये 5 हर्बल ड्रिंक्स
1. तुलसी और अदरक का काढ़ा (Tulsi-Ginger Tea)
- फायदे: तुलसी एंटी-वायरल और एंटी-बैक्टीरियल गुणों से भरपूर होती है, जबकि अदरक गले की खराश और कफ में राहत देता है।
- कैसे बनाएं: 1 कप पानी में 4-5 तुलसी की पत्तियां, थोड़ा सा कद्दूकस किया अदरक और 1 चुटकी दालचीनी डालकर 5-7 मिनट उबालें। छानकर आधा चम्मच शहद मिलाकर पिएं।
2. हल्दी और काली मिर्च की चाय / हल्दी दूध (Golden Milk / Turmeric Tea)
- फायदे: हल्दी में मौजूद करक्यूमिन एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है। जब इसमें काली मिर्च मिलाई जाती है, तो शरीर हल्दी को बेहतर तरीके से सोख पाता है। यह बारिश की रात में शरीर को गर्माहट और मजबूती देता है।
- कैसे बनाएं: गर्म पानी या गुनगुने दूध में 1/4 चम्मच हल्दी और एक चुटकी काली मिर्च पाउडर मिलाकर पिएं।
3. कश्मीरी कहवा या मसाला चाय (Mala/Spiced Herbal Tea)
- फायदे: लौंग, इलायची, दालचीनी और चक्रफूल (Star Anise) जैसे साबुत मसाले शरीर में मेटाबॉलिज्म को दुरुस्त रखते हैं और पाचन तंत्र को सुचारू बनाते हैं।
4. गिलोय का जूस या कढ़ा (Giloy Juice)
- फायदे: आयुर्वेद में गिलोय को इम्युनिटी बूस्टर का राजा माना जाता है। यह मौसमी बुखार, इंफेक्शन और प्लेटलेट्स कम होने जैसी समस्याओं से बचाव करता है।
- कैसे बनाएं: गिलोय के तने का छोटा टुकड़ा कूटकर पानी में उबालें या बाजार में मिलने वाला शुद्ध गिलोय जूस गुनगुने पानी में मिलाकर सुबह लें।
5. गुड़हल की चाय (Hibiscus Tea)
- फायदे: यह हर्बल टी विटामिन-C और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है, जो बारिश में सुस्ती (fatigue) दूर करती है और संक्रमण से लड़ने की ताकत देती है।
- कैसे बनाएं: सूखे या ताजे गुड़हल के फूलों की पंखुड़ियों को पानी में उबालकर छान लें और नींबू-शहद मिलाकर पिएं।
⚠️ ध्यान रखने योग्य बातें
- संतुलन जरूरी है: हर्बल ड्रिंक्स या काढ़े की तासीर गर्म होती है, इसलिए दिन में 1 से 2 कप से ज्यादा न पिएं।
- ताजा ही पिएं: ड्रिंक को हमेशा ताजा बनाकर गुनगुना ही पिएं।
- मेडिकल कंडीशन: यदि आपको एसिडिटी, बीपी या प्रेग्नेंसी जैसी स्थिति है, तो डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह जरूर लें।












