
पटना, 1 सितंबर 2026: बिहार में लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने एक बार फिर बाढ़ की चिंता बढ़ा दी है। गंगा, गंडक, कोसी और सोन समेत कई प्रमुख नदियों में पानी बढ़ रहा है। बिहार जल संसाधन विभाग के रियल-टाइम आंकड़ों के मुताबिक कई स्थानों पर नदियां चेतावनी या खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
सोन नदी में बढ़ा पानी, मनेर में खतरे के निशान से ऊपर
गंगा और गंडक के बाद अब सोन नदी के बढ़ते जलस्तर ने दक्षिण और मध्य बिहार के तटवर्ती इलाकों की चिंता बढ़ा दी है। 1 सितंबर को मनेर में सोन का जलस्तर 52.19 मीटर दर्ज किया गया, जबकि यहां खतरे का निशान 52 मीटर है। यानी सोन नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
सोन नदी में पानी बढ़ने के पीछे मध्य प्रदेश के बाणसागर बांध से छोड़ा गया पानी भी एक महत्वपूर्ण वजह है। रिपोर्ट के मुताबिक बाणसागर से छोड़ा गया पानी बिहार पहुंचने के बाद सोन के प्रवाह में तेजी आई है। इससे सोन किनारे बसे गांवों और निचले इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
इंद्रपुरी बराज के 56 गेट खोले गए
सोन नदी में तेज प्रवाह को देखते हुए इंद्रपुरी बराज के 69 में से 56 गेट खोल दिए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार को सोन का जलप्रवाह करीब 5.25 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया, जो इस साल का अब तक का सबसे अधिक प्रवाह बताया जा रहा है। इससे सोन नदी के किनारे बसे इलाकों में बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है।
गंगा और गंडक भी कई जगह खतरे के ऊपर
बिहार में सिर्फ सोन ही नहीं, बल्कि गंगा और गंडक का जलस्तर भी चिंता का कारण बना हुआ है। सरकारी रियल-टाइम आंकड़ों में पटना के गांधीघाट, दीघाघाट और हाथीदह समेत कई स्थानों पर गंगा खतरे के निशान से ऊपर दर्ज की गई है। मनेर में भी सोन खतरे के निशान से ऊपर है। वहीं गंडक नदी के डुमरियाघाट, बगहा और लालगंज समेत कई निगरानी बिंदुओं पर जलस्तर चेतावनी या खतरे के स्तर से ऊपर है।
भागलपुर में कटाव से बढ़ी परेशानी
भागलपुर के राघोपुर इलाके में गंगा के तेज बहाव के कारण कटाव गंभीर हो गया है। तटबंध पर दबाव बढ़ने के साथ आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ी हुई है। रिपोर्टों के मुताबिक नदी के कटाव की वजह से कुछ धार्मिक स्थल भी प्रभावित हुए हैं और ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की जरूरत पड़ रही है।
छपरा के दियारा क्षेत्रों में भी पानी का फैलाव
छपरा में गंगा, सरयू, सोन और गंडक के जलस्तर में वृद्धि का असर दियारा और तटवर्ती इलाकों में दिखाई देने लगा है। कई गांवों में पानी फैलने और संपर्क मार्ग प्रभावित होने की खबर है। तेज हवा और बारिश के साथ नदी की धार तेज होने से चिरांद, तिवारी घाट और नोकिया टोला समेत कुछ तटीय क्षेत्रों में कटाव भी बढ़ा है।
प्रशासन अलर्ट, निचले इलाकों पर नजर
बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन और जल संसाधन विभाग संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी कर रहे हैं। नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है। फिलहाल आने वाले दिनों में नदियों के जलस्तर में होने वाला उतार-चढ़ाव बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।












