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बिहार में स्कूली शिक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई आसान बनाने के लिए राज्य सरकार ने बिहार विद्या साथी ऐप की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री ने संकल्प सभागार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस 24×7 इंटरैक्टिव डिजिटल प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य राज्य के दूर-दराज और ग्रामीण क्षेत्रों में पढ़ने वाले छात्रों को भी हर समय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और गाइडेंस उपलब्ध कराना है।
योजना और ऐप की मुख्य बातें:
3 लाख छात्रों को सीधा लाभ: शुरुआत में यह सुविधा राज्य के सभी 38 जिलों के 700 मॉडल (सरस्वती विद्या निकेतन) स्कूलों में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के लगभग 3 लाख विद्यार्थियों के लिए लागू की गई है।
75 हजार ऑनलाइन शिक्षक: ऐप से करीब 75,000 शिक्षक जुड़े रहेंगे, जिससे छात्र अपनी पसंद और सुविधा के अनुसार किसी भी समय 24×7 फ्री वन-टू-वन लाइव ट्यूटर सपोर्ट पा सकेंगे।
JEE, NEET और बोर्ड परीक्षा की तैयारी: 9वीं और 10वीं के छात्रों को सभी विषयों में मदद मिलेगी, जबकि 11वीं और 12वीं के साइंस स्ट्रीम के छात्रों को बिहार बोर्ड परीक्षाओं के साथ-साथ JEE और NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए डिजिटल स्टडी मटेरियल व लाइव ट्यूशन मिलेगी।
AI तकनीक का इस्तेमाल: छात्रों के कांसेप्ट को और बेहतर तरीके से समझाने के लिए प्लेटफॉर्म में आधुनिक AI टूल्स का भी समावेश किया जाएगा।
इस ऐप के आ जाने से अब छात्रों को अपनी पढ़ाई से जुड़े डाउट्स सॉल्व करने के लिए कोचिंग पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, बल्कि वे किसी भी समय ऑनलाइन शिक्षकों की सहायता ले सकेंगे।












