
पटना:
बिहार में अपार्टमेंट या फ्लैट खरीदकर अपने नाम दाखिल-खारिज (Mutation) कराने का इंतजार कर रहे हजारों खरीदारों के लिए राहत भरी खबर है। करीब सवा साल से बंद पड़ी अपार्टमेंट फ्लैटों की जमीन के दाखिल-खारिज की प्रक्रिया सितंबर से फिर से शुरू होने जा रही है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने इसके लिए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं और एक विशेष सॉफ्टवेयर विकसित किया जा रहा है।
क्यों लगी थी दाखिल-खारिज पर रोक?
राज्य में अप्रैल 2025 से अपार्टमेंट के फ्लैटधारियों के नाम जमीन के दाखिल-खारिज, नामांतरण और जमाबंदी सृजन पर रोक लगा दी गई थी।
- कानूनी व तकनीकी स्पष्टता की कमी: ‘बिहार भूमि दाखिल-खारिज अधिनियम 2011’ और ‘नियमावली 2012’ में अपार्टमेंट की जमीन का सीधे फ्लैटधारकों के नाम दाखिल-खारिज करने का स्पष्ट प्रावधान नहीं था।
- अलग-अलग अंचलों में अलग नियम: विभागीय सॉफ्टवेयर में आवश्यक मॉड्यूल न होने के कारण राज्य के अलग-अलग अंचल कार्यालयों में अलग-अलग प्रक्रिया अपनाई जा रही थी, जिससे असमंजस और विवाद की स्थिति बन रही थी।
राजस्व विभाग की नई तैयारी और विशेष सॉफ्टवेयर
समस्या के स्थायी समाधान के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग एक खास सॉफ्टवेयर तैयार करा रहा है, जो अपने अंतिम चरण में है।
- एकसमान व्यवस्था: इस नए पोर्टल और सॉफ्टवेयर के जरिए पूरे बिहार में फ्लैट म्यूटेशन की प्रक्रिया एकसमान और पारदर्शी होगी।
- तकनीकी खामियां दूर: अपार्टमेंट के कुल प्लॉट एरिया में से संबंधित फ्लैटधारक के हिस्से की जमीन का हिसाब और रिकॉर्ड दर्ज करना अब आसान और सटीक होगा।
खरीदारों को क्या होगा फायदा?
मालिकाना हक में स्पष्टता: रजिस्ट्री के बाद सरकारी रिकॉर्ड में नाम दर्ज न हो पाने के कारण उत्पन्न अनिश्चितता खत्म होगी।
विवादों पर रोक: भविष्य में फ्लैट की मिल्कियत और जमीन के रिकॉर्ड से जुड़े फर्जीवाड़े या कानूनी विवादों पर अंकुश लगेगा।
दफ्तरों के चक्कर से मुक्ति: डिजिटल और स्पष्ट प्रक्रिया होने से अंचल कार्यालयों के चक्कर काटने और समय की बर्बादी से राहत मिलेगी।
विभाग की ओर से हरी झंडी मिलते ही सितंबर महीने में ऑनलाइन आवेदन का नया मॉड्यूल जारी कर दिया जाएगा।
(NewsNextBihar)












