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बारिश और जलभराव के बीच बदलती लाइफस्टाइल, घर से बाहर निकलते समय इन जरूरी सावधानियों पर दें ध्यान

पटना: बिहार में मानसून की सक्रियता के बीच बारिश और जलजमाव ने आम जनजीवन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पटना समेत कई इलाकों में लगातार बारिश के कारण सड़कों पर पानी जमा होने, यातायात प्रभावित होने और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति देखने को मिल रही है। मौसम विभाग ने 2 सितंबर को बिहार में बहुत भारी बारिश तथा 3 और 4 सितंबर को भारी बारिश के साथ गरज-चमक की चेतावनी जारी की है।

ऐसे मौसम में घर से बाहर निकलना जरूरी हो तो सामान्य दिनों की तुलना में थोड़ी अतिरिक्त सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। जलभराव वाली सड़कें, खुले नाले, फिसलन, बिजली के तार और तेज बारिश के दौरान कम दृश्यता हादसे का कारण बन सकते हैं।

जलभराव वाली सड़क पर सोच-समझकर करें सफर

बारिश के दौरान सड़क पर जमा पानी देखकर उसकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। ऐसे में बहुत ज्यादा पानी वाली सड़क से पैदल या दोपहिया वाहन लेकर गुजरने से बचना चाहिए। खासकर जहां नाला, गड्ढा या सड़क का हिस्सा टूटा हुआ हो, वहां पानी के अंदर जाने का जोखिम नहीं लेना चाहिए।

अगर किसी वैकल्पिक रास्ते से जाना संभव हो तो जलजमाव वाले मार्ग की बजाय सुरक्षित और अपेक्षाकृत ऊंचे रास्ते को प्राथमिकता देना बेहतर है। वाहन चालकों को भी पानी में तेज गति से वाहन चलाने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे वाहन का नियंत्रण बिगड़ सकता है और आसपास चल रहे लोगों पर भी पानी पड़ सकता है।

बिजली के खंभों और तारों से रहें दूर

बारिश और जलजमाव के दौरान बिजली से जुड़ा खतरा भी बढ़ जाता है। गीले स्थानों पर बिजली के खंभे, ट्रांसफॉर्मर, खुले तार या बिजली के उपकरण दिखाई दें तो उनसे दूरी बनाए रखें। जलभराव वाले इलाके में किसी टूटे या नीचे झुके बिजली के तार को छूने या उसके पास जाने की कोशिश बिल्कुल नहीं करनी चाहिए।

अगर सड़क पर बिजली का तार गिरा दिखाई दे तो लोगों को उससे दूर रहना चाहिए और संबंधित विभाग को इसकी सूचना देनी चाहिए।

मोबाइल और जरूरी सामान रखें सुरक्षित

बारिश के मौसम में बाहर निकलते समय मोबाइल फोन, पर्स, दस्तावेज और अन्य जरूरी सामान को वाटरप्रूफ कवर में रखना उपयोगी हो सकता है। मोबाइल को सुरक्षित रखने से आपात स्थिति में परिवार या संबंधित सहायता सेवा से संपर्क करना भी आसान रहेगा।

बारिश के दौरान फोन पर लगातार व्यस्त रहने के बजाय सड़क और आसपास की स्थिति पर ध्यान देना भी जरूरी है, खासकर जब पैदल या दोपहिया वाहन से सफर कर रहे हों।

दोपहिया वाहन चालकों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत

बारिश में सड़क पर फिसलन बढ़ जाती है। ऐसे में दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने के साथ गति नियंत्रित रखनी चाहिए। अचानक ब्रेक लगाने या पानी से भरे गड्ढे में तेज गति से जाने से वाहन असंतुलित हो सकता है।

बारिश तेज होने पर सुरक्षित स्थान पर रुक जाना कई बार जल्दबाजी में सफर जारी रखने से बेहतर विकल्प होता है। खासकर गरज-चमक और तेज हवाओं के दौरान खुले स्थानों तथा पेड़ों के नीचे रुकने से भी बचना चाहिए।

बच्चों और बुजुर्गों के लिए अतिरिक्त सावधानी

जलजमाव वाले इलाकों में बच्चों को अकेले बाहर भेजने से बचना चाहिए। पानी भरी सड़क पर खेलने या जमा पानी में उतरने से संक्रमण, चोट और अन्य दुर्घटनाओं का खतरा हो सकता है। बुजुर्गों को भी फिसलन वाली सड़कों पर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए और आवश्यकता न होने पर अत्यधिक बारिश के दौरान बाहर निकलने से बचना बेहतर है।

मौसम और सड़क की स्थिति देखकर बनाएं प्लान

बारिश के दिनों में घर से निकलने से पहले मौसम का ताजा अपडेट देखना अब रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाना उपयोगी है। बिहार के लिए मौसम विभाग ने 2 सितंबर को बहुत भारी बारिश और अगले दो दिनों में भारी बारिश की चेतावनी दी है।

वहीं, राज्य में कई प्रमुख नदियों के जलस्तर बढ़ने के कारण बाढ़ की तैयारियां भी तेज की गई हैं। ऐसे में नदी, बांध, तटबंध और निचले इलाकों की ओर जाने से पहले स्थानीय प्रशासन की चेतावनी और सड़क की स्थिति की जानकारी लेना जरूरी है।

आपात स्थिति में 112 पर करें संपर्क

अगर बारिश या जलजमाव के दौरान कोई गंभीर आपात स्थिति सामने आती है तो सहायता के लिए 112 जैसे आधिकारिक आपातकालीन नंबर का इस्तेमाल किया जा सकता है। बिहार पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर 112 को आपातकालीन हेल्पलाइन के रूप में उपलब्ध कराया गया है।

बारिश का मौसम केवल असुविधा का नहीं, बल्कि अतिरिक्त सतर्कता का भी समय है। थोड़ी सी सावधानी सड़क हादसे, बिजली दुर्घटना और जलजमाव से जुड़े जोखिम को काफी हद तक कम कर सकती है। इसलिए जरूरी काम से ही बाहर निकलें, मौसम की चेतावनी पर नजर रखें और पानी भरे रास्तों पर किसी भी तरह की जल्दबाजी से बचें।

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