
उज्जैन: मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में कंठाल और छत्री चौक के समीप स्थित 170 साल प्राचीन ‘खड़े हनुमान मंदिर’ की प्रतिमा अचानक पूरे देश में आस्था और कौतुहल का केंद्र बन गई है। सड़क चौड़ीकरण के तहत भारी मशीनों, क्रेन और जेसीबी के उपयोग के बावजूद प्रतिमा का अपने स्थान से न हिलना श्रद्धालुओं के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं माना जा रहा है।
दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब, लग रही लंबी कतारें घटना की खबर जैसे-जैसे फैली, उज्जैन शहर ही नहीं बल्कि आसपास के जिलों से भी श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगना शुरू हो गया है।
- अखंड भजन-कीर्तन: भक्त मंदिर परिसर के आसपास एकत्र होकर हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और राम नाम का निरंतर जाप कर रहे हैं।
- अडिग आस्था का प्रतीक: श्रद्धालुओं का मानना है कि बजरंगबली की प्रतिमा का न हिलना उनकी दिव्य उपस्थिति और अडिग इच्छा का संकेत है।
- पुष्प और आरती का दौर: सुरक्षा कारणों से लगाए गए प्रशासनिक घेरे के बाहर से ही लोग धूप, दीप और फूल अर्पित कर प्रतिमा के दर्शन कर रहे हैं।
प्रशासन की नजर और सुरक्षा के कड़े इंतजाम मौके पर बढ़ रही भीड़ और श्रद्धालुओं की भावुकता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी है।
- अस्थायी बैरिकेडिंग: दर्शनार्थियों को सुगमता से दर्शन कराने और किसी भी भगदड़ या अव्यवस्था को रोकने के लिए पूरे इलाके में बैरिकेड्स लगाए गए हैं।
- पुरातत्व व वैज्ञानिक टीमों का दौरा जल्द: स्थानीय प्रशासन ने स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पुरातत्व विभाग से ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार (GPR) और विशेषज्ञों की मदद मांगी है, ताकि बिना किसी बल प्रयोग के जमीन के नीचे प्रतिमा की संरचना का अध्ययन किया जा सके।
170 साल पुरानी यह प्रतिमा अब महज किसी विकास परियोजना का हिस्सा नहीं रही, बल्कि आस्था, चमत्कार और जनविश्वास का एक बड़ा केंद्र बन चुकी है।












