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बिहार-नेपाल कनेक्टिविटी को बड़ी मंजूरी, ₹3,590 करोड़ की लागत से Muzaffarpur-Sitamarhi-Sonbarsa NH-22 होगा फोरलेन

केंद्र सरकार (आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति) ने बिहार में भारत-नेपाल सीमा कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए NH-22 के मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा खंड को फोर-लेन (4-Lane) बनाने की मंजूरी दे दी है।

परियोजना की मुख्य बातें:

  • कुल लागत: ₹3,590.73 करोड़
  • कुल लंबाई: 82.578 किलोमीटर
  • मोड: हाइब्रिड एन्युइटी मोड (HAM)
  • डिजाइन स्पीड: अधिकतम 100 किमी/घंटा (औसत गति 80 किमी/घंटा)

प्रमुख निर्माण संरचनाएं:

  • 7 बड़े पुल: बागमती नदी पर 340 मीटर लंबा प्रमुख पुल शामिल।
  • 3 रेलवे ओवरब्रिज (ROB)
  • 2 फ्लाईओवर: 1,170 मीटर और 270 मीटर की लंबाई के।

किन्हें और क्या होगा फायदा?

ट्रैफिक जाम से राहत: मुजफ्फरपुर, मक्सूदपुर, रुन्नी सैदपुर, ठुम्मा, डुमरा, भुतही और सोनबरसा के घनी आबादी वाले इलाकों को जाम से मुक्ति मिलेगी।

नेपाल सीमा व्यापार: यह कॉरिडोर सोनबरसा (भारत-नेपाल बॉर्डर) को मुजफ्फरपुर के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर (NH-27) से जोड़ेगा, जिससे भारत और नेपाल के बीच व्यापार व माल ढुलाई तेज होगी। इसके साथ ही भिटामोड़ लैंड पोर्ट से संपर्क आसान होगा।

धार्मिक एवं पर्यटन स्थल: सीतामढ़ी स्थित पुनौरा धाम (मां जानकी जन्मस्थली) और बौद्ध सर्किट तक श्रद्धालुओं की पहुंच सुगम होगी।

औद्योगिक जुड़ाव: यह मार्ग NH-31 और NH-122 से जुड़कर बरौनी औद्योगिक क्षेत्र और गंगा नदी तट के लॉजिस्टिक्स केंद्रों तक सीधी पहुंच बनाएगा।

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