--विज्ञापन यहां--

लखीसराय मंदिर हादसे के बाद धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था पर बढ़ा जोर

पटना / लखीसराय

लखीसराय जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल (अशोकधाम मंदिर/स्थानीय धाम) में भीड़ के अत्यधिक दबाव के कारण हुए दर्दनाक हादसे के बाद बिहार सरकार और गृह विभाग सख्त रुख में नजर आ रहे हैं। इस घटना से सबक लेते हुए राज्य भर के प्रमुख मंदिरों, धार्मिक स्थलों और आगामी पर्व-त्योहारों पर जुटने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था का नए सिरे से रिव्यू (समीक्षा) किया जा रहा है।

प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में किसी भी धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

प्रशासन द्वारा उठाए जा रहे 5 बड़े कड़े कदम

नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) लागू:राज्य गृह विभाग सभी जिलाधिकारियों (DM) और पुलिस अधीक्षकों (SP) को निर्देश जारी कर रहा है कि हर बड़े मंदिर और धार्मिक मेले के लिए अलग से ‘क्राउड मैनेजमेंट प्लान’ तैयार किया जाए।

वन-वे एंट्री और एग्जिट रूट अनिवार्य:मंदिर परिसरों में भगदड़ जैसी स्थिति से बचने के लिए प्रवेश (Entry) और निकास (Exit) के रास्ते पूरी तरह अलग रखे जाएंगे। जहां रास्ता संकरा है, वहां बैरिकेडिंग के जरिए भीड़ को नियंत्रित लाइनों में ही आगे बढ़ने दिया जाएगा।

सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन से निगरानी:भीड़भाड़ वाले संवेदनशील इलाकों में ‘रियल-टाइम मॉनिटरिंग’ के लिए हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी (CCTV) और ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा। वॉच टावर से पुलिस बल भीड़ की गतिविधियों पर नजर रखेगा।

अस्थायी मेडिकल कैंप और क्विक रिस्पांस टीम (QRT):आयोजन स्थलों पर एम्बुलेंस, प्राथमिक उपचार किट और डॉक्टरों की तैनाती अनिवार्य कर दी गई है। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मोर्चा संभालने के लिए एसडीआरएफ (SDRF) और स्थानीय पुलिस की क्विक रिस्पांस टीमें तैनात रहेंगी।

मदिर ट्रस्ट और कमेटियों की जवाबदेही तय:केवल सरकारी बल ही नहीं, बल्कि मंदिर न्यास और पूजा समितियों के वालंटियर्स को भी पुलिस के साथ समन्वय बनाकर काम करना होगा। क्षमता से अधिक भीड़ इकट्ठा होने पर गेटों को अस्थायी रूप से रोकने की व्यवस्था की जाएगी।

    श्रद्धालुओं के लिए विशेष अपील

    प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे धार्मिक स्थलों पर सुरक्षाकर्मियों के निर्देशों का पालन करें, अफवाहों पर ध्यान न दें और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। किसी भी तरह की धक्का-मुक्की या संकरे रास्तों पर रुकने से बचें ताकि पूजा-दर्शन शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न हो सके।

    व्हाट्सएप से जुड़ें

    अभी जुड़ें

    टेलीग्राम से जुड़ें

    अभी जुड़ें

    इंस्टाग्राम से जुड़ें

    अभी जुड़ें

    यह भी पढ़ें

    जन्माष्टमी के बाद भी कृष्ण भक्ति का रंग कायम, मंदिरों में भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजनों का दौर

    जन्माष्टमी पर CM सम्राट चौधरी का संदेश, श्रीराम से मर्यादा और श्रीकृष्ण से अन्याय के खिलाफ संघर्ष की सीख लेने की अपील

    Neem Karoli Baba से प्रेरित Hanuman Ansh ने किया कमाल, Box Office पर ₹50 करोड़ की ओर बढ़ी फिल्म |

    नेपाल बाढ़ त्रासदी पर बिहार धार्मिक न्यास पर्षद की प्रतिक्रिया, भारत के राहत प्रयासों की सराहना

    भाद्रपद माह के धार्मिक अनुष्ठानों के चलते पटना के महावीर मंदिर और गयाजी धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।

    भाद्रपद मास में धार्मिक पर्वों की धूम, मंदिरों में जन्माष्टमी और आने वाले त्योहारों को लेकर तैयारियां तेज