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रक्षाबंधन से पहले बिहार में त्योहारों की तैयारी तेज, बाजारों में बढ़ी राखी और पूजा सामग्री की मांग

रक्षाबंधन पर्व को लेकर पूरे बिहार के बाजारों में खासी रौनक देखने को मिल रही है। पटना, मुजफ्फरपुर, गया और भागलपुर समेत राज्य के छोटे-बड़े शहरों और कस्बों में दुकानों पर सजावट पूरी हो चुकी है, और खरीदारी के लिए ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ रही है।

बाजार का हाल और प्रमुख रुझान

  • फैंसी और इको-फ्रेंडली राखियों का दबदबा: बाजारों में पारंपरिक रेशमी धागों के अलावा फैंसी राखियों, जैसे—जरी, कुंदन, लटकन, और मेटल राखियों की मांग सबसे ज्यादा है। बच्चों के लिए डोरेमोन, छोटा भीम और लाइट वाली राखियां ट्रेंड में हैं। वहीं, पर्यावरण सुरक्षा को देखते हुए ‘इको-फ्रेंडली’ सीड-राखियों (बीज वाली राखियां) को भी लोग खूब पसंद कर रहे हैं।
  • पूजा सामग्री और मिठाइयों की अग्रिम बुकिंग: रोली, अक्षत, चंदन, नारियल और पूजा की थाली की दुकानों पर सुबह से ही खरीदारी चल रही है। इसके साथ ही घेवर, काजू कतली और बेसन के लड्डू जैसी पारंपरिक मिठाइयों की दुकानों पर ग्राहकों ने पहले से बुकिंग करानी शुरू कर दी है।
  • कपड़ा और उपहार बाजार में उछाल: भाई-बहन के इस पावन पर्व पर एक-दूसरे को उपहार देने के लिए साड़ी, सूट, कुर्तों और इलेक्ट्रॉनिक्स/गैजेट्स के शोरूम्स पर विशेष ऑफर्स और डिस्काउंट देखने को मिल रहे हैं।
  • दूर-दराज के लिए डाक और कूरियर सेवा तेज: जो बहनें दूसरे राज्यों या विदेशों में रहने वाले भाइयों को राखी भेज रही हैं, उनके लिए डाकघरों में अलग से स्पेशल ‘राखी लिफाफे’ और काउंटरों की व्यवस्था की गई है ताकि समय पर डिलीवरी हो सके।

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