पटना: बिहार में होने वाले पंचायत चुनाव 2026 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। पंचायत चुनाव से पहले परिसीमन की प्रक्रिया को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने स्पष्ट किया है कि परिसीमन पूरा होने के बाद ही पंचायत चुनाव कराए जाएंगे।
पहले परिसीमन, फिर चुनाव
पंचायत चुनाव से पहले ग्राम पंचायतों और पंचायत क्षेत्रों की सीमाओं को नए सिरे से निर्धारित किया जा रहा है। परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि कौन-सा गांव किस पंचायत और किस चुनावी क्षेत्र में शामिल रहेगा।
इस बदलाव का सीधा असर पंचायत चुनाव लड़ने वाले संभावित प्रत्याशियों और वर्तमान पंचायत प्रतिनिधियों पर भी पड़ सकता है। क्षेत्र की सीमाएं बदलने के बाद कई उम्मीदवारों के चुनावी समीकरण भी बदल सकते हैं।
आरक्षण रोस्टर में भी बदलाव संभव
परिसीमन के बाद पंचायतों की नई संरचना सामने आने पर आरक्षण रोस्टर में भी बदलाव की प्रक्रिया होगी। इससे यह तय होगा कि किस पंचायत या पद पर किस वर्ग के लिए सीट आरक्षित होगी। ऐसे में मुखिया, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद समेत विभिन्न पदों के संभावित उम्मीदवारों की नजर परिसीमन और आरक्षण की प्रक्रिया पर बनी हुई है।
चुनाव की तारीख अभी स्पष्ट नहीं
फिलहाल पंचायत चुनाव की अंतिम मतदान तारीख की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। मंत्री के बयान के मुताबिक पहले परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होगी और उसके बाद चुनाव कार्यक्रम को लेकर आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
पंचायत चुनाव को लेकर गांवों में भी राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। संभावित उम्मीदवार मतदाताओं से संपर्क बढ़ा रहे हैं और पंचायत स्तर पर चुनावी तैयारियां शुरू हो गई हैं।
गांवों में बढ़ी चुनावी हलचल
चुनाव की तारीख भले अभी सामने नहीं आई हो, लेकिन पंचायत क्षेत्रों में संभावित प्रत्याशियों की सक्रियता बढ़ रही है। परिसीमन के बाद पंचायत की सीमा और आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होने पर चुनावी तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।












