
भोजपुर: बिहार में गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच भोजपुर जिले के बड़हरा प्रखंड में नदी कटाव ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। पिपरपांती गांव में गंगा नदी का कटाव अचानक तेज होने से 10 से अधिक घर नदी में समा गए, जिसके बाद गांव में अफरातफरी की स्थिति बन गई। कटाव के खतरे को देखते हुए बड़ी संख्या में ग्रामीण अपने घरों से जरूरी सामान लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर निकलने को मजबूर हैं।
अचानक तेज हुआ गंगा का कटाव
रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार को करीब 11:30 बजे पिपरपांती गांव के पास गंगा का कटाव अचानक तेज हो गया। नदी की धारा तेजी से गांव की ओर बढ़ने लगी और देखते ही देखते कई घर इसकी चपेट में आ गए। कटाव की रफ्तार को देखकर ग्रामीणों में दहशत फैल गई और लोग अपने घरों को खाली करने लगे।
सामान लेकर सुरक्षित जगहों की ओर पलायन
कटाव के खतरे के बीच सौ से अधिक ग्रामीण घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए। लोग चारपाई, अनाज, कपड़े, बर्तन और दूसरे जरूरी सामान को लेकर गांव से बाहर निकलते नजर आए। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया। कई परिवार रिश्तेदारों के यहां शरण लेने को मजबूर हैं।
प्रशासन ने शुरू किया कटावरोधी कार्य
स्थिति को देखते हुए बाढ़ नियंत्रण विभाग की ओर से कटावरोधी कार्य शुरू किया गया है। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल पेड़ की टहनियों और झाड़ियों की मदद से नदी की धारा की तीव्रता कम करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि ग्रामीणों की मांग है कि अस्थायी उपायों के बजाय कटाव रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था की जाए।
ग्रामीणों में सुरक्षा को लेकर चिंता
गंगा की धारा लगातार गांव की ओर बढ़ने से ग्रामीणों को आशंका है कि यदि कटाव इसी तरह जारी रहा तो और घर भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। प्रभावित परिवारों के सामने रहने, भोजन और जरूरी सामान की व्यवस्था की चुनौती खड़ी हो गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सुरक्षित स्थान पर तत्काल व्यवस्था करने के साथ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की मांग की है।
2016 में भी हो चुका है भीषण कटाव
पिपरपांती क्षेत्र में गंगा का कटाव कोई पहली घटना नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2016 में भी यहां भीषण कटाव हुआ था और उस दौरान दो दर्जन से अधिक घर नदी में समा गए थे। ऐसे में इस बार कटाव तेज होने से ग्रामीणों में भविष्य को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
बढ़ते जलस्तर के बीच निगरानी जरूरी
भोजपुर के साथ गंगा किनारे बसे अन्य इलाकों में भी बढ़ते जलस्तर और कटाव को लेकर प्रशासन को सतर्क रहने की जरूरत है। ग्रामीणों से अपील की जा रही है कि नदी के बेहद करीब न जाएं और प्रशासन की ओर से जारी चेतावनी को गंभीरता से लें। कटाव प्रभावित क्षेत्रों में बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित स्थानों पर रखना और जरूरी दस्तावेज व सामान पहले से सुरक्षित कर लेना भी महत्वपूर्ण है।
गंगा के कटाव ने एक बार फिर नदी किनारे बसे ग्रामीण इलाकों की संवेदनशीलता को सामने ला दिया है। प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल राहत के साथ-साथ लंबे समय के लिए मजबूत कटावरोधी संरचना और पुनर्वास की व्यवस्था जरूरी मानी जा रही है।












