बिहार में व्यापार, उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने कई बड़े फैसलों और निवेश समझौतों पर मुहर लगाई है:
1. नवंबर तक ₹5 लाख करोड़ के निवेश का बड़ा लक्ष्य
- औद्योगिक विकास दर: राज्य सरकार ने घोषणा की है कि बिहार में उद्योगों के विस्तार के लिए इस साल नवंबर तक ₹5 लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य रखा गया है।
- चीनी मिलों का पुनरुद्धार: कृषि-आधारित व्यापार को बढ़ावा देने के लिए अगले 5 वर्षों में राज्य में 25 नई चीनी मिलें स्थापित करने की योजना पर काम शुरू हो चुका है।
2. चमड़ा व फुटवियर क्षेत्र में ₹125 करोड़ का निवेश समझौता
- नए रोजगार के अवसर: भारत मंडपम (नई दिल्ली) में आयोजित इंडिया इंटरनेशनल फुटवियर फेयर (IIFF) के दौरान बिहार सरकार ने ₹125 करोड़ के दो प्रमुख निवेश समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।
- रोजगार व निर्माण: इसमें लहर फुटवियर (Lehar Footwear) के साथ ₹100 करोड़ और पटना लेदर गार्मेंट के साथ ₹25 करोड़ का करार हुआ है। इससे राज्य में लगभग 1,800 लोगों को सीधा रोजगार मिलेगा।
- मुजफ्फरपुर मेगा लेदर पार्क: मुजफ्फरपुर के महवल स्थित ‘मेगा लेदर, फुटवियर एंड एक्सेसरीज पार्क’ को रेडी-टू-यूज (प्लग एंड प्ले) सुविधाओं के साथ उद्योगपतियों के लिए पेश किया गया है।
3. ’30-डे डीम्ड क्लीयरेंस’ नियम से इज ऑफ डूइंग बिजनेस (Ease of Doing Business)
- समयबद्ध अनुमति: बिहार में उद्योग लगाने वाले व्यापारियों के लिए विभागीय अनुमतियों (भूमि आवंटन, पर्यावरण और निर्माण लाइसेंस) को आसान बनाते हुए 30 दिनों की समय-सीमा तय की गई है।
- ऑटोमैटिक अप्रूवल: यदि संबंधित विभाग 30 दिनों के भीतर आवेदन का निपटारा नहीं करता है, तो प्रस्ताव को स्वतः (Deemed Clearance) पास मान लिया जाएगा।
- नीति में विस्तार: निवेशकों का भरोसा बनाए रखने के लिए बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज (BIIPP) की वैधता को बढ़ाकर लागू रखा गया है।












