देश की प्रमुख हरित ऊर्जा कंपनी NTPC ग्रीन एनर्जी ने 200 मेगावाट क्षमता का BESS (बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम) प्रोजेक्ट हासिल कर क्लीन एनर्जी क्षेत्र में कदम मजबूत किए हैं।
यहाँ NTPC ग्रीन एनर्जी के इस प्रोजेक्ट की पूरी और विस्तृत रिपोर्ट (News Details Draft) दी गई है:
NTPC ग्रीन एनर्जी का बड़ा दांव: पश्चिम बंगाल में हासिल किया 200 MW बैटरी स्टोरेज प्रोजेक्ट
कोलकाता/नई दिल्ली (न्यूज़ नेक्स्ट बिहार): भारत की सार्वजनिक क्षेत्र की बिजली कंपनी NTPC की पूर्ण स्वामित्व वाली हरित ऊर्जा इकाई NTPC ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (NGEL) ने देश के क्लीन एनर्जी सेक्टर में एक बड़ी सफलता हासिल की है। कंपनी ने पश्चिम बंगाल में 200 मेगावाट (MW) / 800 मेगावाट-घंटा (MWh) क्षमता का स्टैंडअलोन बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) प्रोजेक्ट हासिल कर लिया है।
पश्चिम बंगाल राज्य बिजली वितरण कंपनी लिमिटेड (WBSEDCL) द्वारा आयोजित ई-रिवर्स नीलामी प्रक्रिया (Tariff-Based Competitive Bidding) के जरिए NGEL ने यह सफलता हासिल की।
⚡ प्रोजेक्ट से जुड़ी मुख्य बातें (Key Highlights)
- प्रोजेक्ट की कुल क्षमता: यह प्रोजेक्ट 200 MW / 800 MWh की 4 घंटे की स्टोरेज कॉन्फ़िगरेशन वाला सिस्टम है। यानी यह फुल चार्ज होने पर 200 मेगावाट बिजली लगातार 4 घंटे तक ग्रिड में सप्लाई कर सकता है।
- तय टैरिफ दर: NGEL ने यह प्रोजेक्ट ₹4.35 लाख प्रति मेगावाट प्रति माह के टैरिफ दर पर जीता है।
- राज्य की बड़ी योजना का हिस्सा: WBSEDCL पूरे राज्य में कुल 500 MW / 2,000 MWh BESS क्षमता विकसित करने के लिए निविदाएं आमंत्रित कर रहा है, जिसमें से 200 MW का मुख्य हिस्सा NGEL के खाते में आया है।
🔋 क्यों खास है BESS (बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम)?
- पीक ऑवर्स में बिजली संकट का समाधान: सौर ऊर्जा (Solar Energy) केवल दिन में उपलब्ध होती है, जबकि बिजली की अधिकतम मांग (Peak Hours) शाम और रात के समय होती है। यह स्टोरेज सिस्टम दिन में सरप्लस हरित बिजली को स्टोर करेगा और पीक समय में सप्लाई करेगा।
- ग्रिड में स्थिरता और संतुलन: रिन्यूएबल एनर्जी (सौर और पवन ऊर्जा) के अनिश्चित स्वभाव के कारण पावर ग्रिड में जो उतार-चढ़ाव आते हैं, BESS तकनीक उसे संतुलित और स्थिर रखती है।
- क्लीन एनर्जी लक्ष्य को मजबूती: भारत के 2030 तक हरित ऊर्जा लक्ष्यों और कोयला आधारित बिजली पर निर्भरता कम करने के प्रयास में यह तकनीक बेहद अहम साबित होगी।












