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कार्टून कैरेक्टर और साइबर चैंप क्विज़ से बिहार में बढ़ेगी साइबर जागरूकता

साइबर अपराध हॉटस्पॉट से शुरू हुआ ‘साइबर सिक्योर बिहार’ अभियान, विद्यार्थियों और युवाओं को बनाया जाएगा डिजिटल सुरक्षा का प्रहरी

पटना, अगस्त। बिहार में बढ़ते साइबर अपराध के बीच नागरिकों को डिजिटल ठगी से बचाने के लिए चलाया जा रहा ‘साइबर सिक्योर बिहार’ अभियान अब जागरूकता के नए और रोचक तरीकों को अपना रहा है। बिहार पुलिस, भारतीय स्टेट बैंक (SBI), इंटेनेक्स्ट सॉल्यूशन्स प्राइवेट लिमिटेड के संयुक्त तत्वावधान में चल रहे इस अभियान में जहां साइबर अपराध प्रभावित क्षेत्रों में नुक्कड़ नाटक और जनसंवाद के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है, वहीं सोशल मीडिया पर कार्टून कैरेक्टर आधारित साइबर जागरूकता वीडियो भी लोगों का ध्यान खींच रहे हैं।

अभियान की खासियत यह है कि साइबर अपराध जैसे गंभीर और तकनीकी विषय को आम लोगों तक आसान भाषा और मनोरंजक अंदाज में पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। कार्टून कैरेक्टर के जरिए OTP फ्रॉड, UPI ठगी, QR कोड स्कैम, फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी KYC अपडेट, सोशल मीडिया फ्रॉड और ऑनलाइन गेमिंग से जुड़ी धोखाधड़ी जैसे मामलों को कहानी और संवाद के माध्यम से समझाया जा रहा है। इन वीडियो को सोशल मीडिया पर लोगों की अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है।

साइबर अपराध हॉटस्पॉट से हुई शुरुआत

‘साइबर सिक्योर बिहार’ अभियान की जमीनी गतिविधियों की शुरुआत साइबर अपराध के हॉटस्पॉट माने जाने वाले क्षेत्रों से की गई है। नालंदा के कटरीसराय सहित पटना, गया, नवादा, बेगूसराय और अन्य जिलों में नुक्कड़ नाटक, जागरूकता रैली और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं।

नुक्कड़ नाटक के जरिए स्थानीय लोगों को ठगी के नए तरीकों के बारे में बताया जा रहा है। साथ ही साइबर ठगी होने के बाद समय पर शिकायत करने के महत्व को भी समझाया जा रहा है। लोगों को विशेष रूप से राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 की जानकारी दी जा रही है।

विद्यार्थियों के लिए होगा ‘साइबर चैंप क्विज़’

अभियान के अगले चरण में विद्यालयों और महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को ‘साइबर चैंप क्विज़’ से जोड़ा जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा की जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें वास्तविक डिजिटल परिस्थितियों में सही निर्णय लेने के लिए तैयार करना है।

क्विज़ में OTP और UPI फ्रॉड, QR कोड स्कैम, डिजिटल अरेस्ट, फिशिंग, सोशल मीडिया सुरक्षा, साइबर बुलिंग, ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड, पासवर्ड सुरक्षा और साइबर अपराध की रिपोर्टिंग जैसे विषय शामिल होंगे।

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को ‘साइबर चैंपियन’ प्रमाण-पत्र, मेडल और सम्मान दिया जाएगा। उन्हें अपने परिवार, विद्यालय और समाज में साइबर सुरक्षा का संदेश फैलाने के लिए ‘साइबर एम्बेसडर’ के रूप में भी प्रोत्साहित किया जाएगा।

जागरूकता के लिए जमीन से डिजिटल प्लेटफॉर्म तक

अभियान के तहत नुक्कड़ नाटक और कार्यशालाओं के साथ स्कूल-कॉलेज में विशेष सत्र, पुलिस अधिकारियों के इंटरैक्टिव सेमिनार, साइबर सुरक्षा प्रतिज्ञा तथा सोशल मीडिया पर वीडियो और रील्स के माध्यम से जागरूकता गतिविधियां जारी हैं।

अभियान की रणनीति में खास तौर पर युवाओं और विद्यार्थियों को केंद्र में रखा गया है। आयोजकों का मानना है कि आज की डिजिटल पीढ़ी यदि साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक होती है तो वह अपने परिवार के बुजुर्गों और अन्य सदस्यों को भी ऑनलाइन ठगी से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

‘हर विद्यार्थी बने साइबर चैंप’

अभियान प्रमुख अभिनव दास के अनुसार, “साइबर सुरक्षा को केवल तकनीकी विषय बनाकर नहीं समझाया जा सकता। हमारा प्रयास है कि इसे सरल, रोचक और व्यवहारिक तरीके से हर वर्ग तक पहुंचाया जाए। कार्टून कैरेक्टर आधारित वीडियो को लोगों का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। अब साइबर चैंप क्विज़ के जरिए विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा की जानकारी के साथ सही समय पर सही निर्णय लेने के लिए तैयार किया जाएगा। हमारा लक्ष्य है कि हर विद्यार्थी स्वयं साइबर चैंप बने और अपने परिवार एवं समाज को भी सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के लिए जागरूक करे।”

अभियान के माध्यम से नागरिकों से अपील की जा रही है कि वे OTP, PIN, CVV, पासवर्ड और बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। किसी अनजान लिंक पर क्लिक करने या अज्ञात QR कोड स्कैन करने से पहले सावधानी बरतें।

किसी भी प्रकार की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें और अपने बैंक या संबंधित वित्तीय संस्था को भी तत्काल सूचित करें।

सतर्क नागरिक और जागरूक युवा ही सुरक्षित डिजिटल बिहार की मजबूत नींव हैं।

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