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साइबर ठगी की शिकायत में देरी न करें, 1930 और National Cyber Crime Reporting Portal से तुरंत करें रिपोर्ट

नई दिल्ली: डिजिटल लेन-देन बढ़ने के साथ साइबर ठगी के मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं। ऑनलाइन बैंकिंग, UPI, फर्जी लिंक, OTP, फिशिंग और सोशल मीडिया के जरिए ठग लोगों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में साइबर फ्रॉड का शिकार होने पर शिकायत करने में देरी नहीं करना बेहद जरूरी है। सरकार ने वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की तत्काल रिपोर्टिंग के लिए 1930 हेल्पलाइन और National Cyber Crime Reporting Portal की सुविधा उपलब्ध कराई है।

ठगी होते ही 1930 पर करें कॉल

अगर आपके बैंक खाते, UPI या किसी अन्य ऑनलाइन माध्यम से पैसे की ठगी हुई है तो तुरंत 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराएं। गृह मंत्रालय के तहत संचालित Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) का यह सिस्टम वित्तीय धोखाधड़ी की सूचना जल्द प्राप्त करने और रकम को आगे ट्रांसफर होने से रोकने के प्रयासों में मदद करता है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 30 जून 2026 तक इस व्यवस्था के माध्यम से 32.80 लाख से अधिक शिकायतों में 11,158 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम बचाई गई है।

ऑनलाइन भी दर्ज कर सकते हैं शिकायत

साइबर अपराध की शिकायत National Cyber Crime Reporting Portal पर ऑनलाइन दर्ज की जा सकती है। पोर्टल पर वित्तीय धोखाधड़ी के अलावा अन्य साइबर अपराधों की रिपोर्टिंग की सुविधा भी उपलब्ध है। शिकायत दर्ज करते समय घटना की तारीख और समय, घटना का विवरण और उपलब्ध सबूत जैसी जानकारियां तैयार रखना उपयोगी होता है।

बैंकिंग फ्रॉड में ये जानकारी रखें तैयार

अगर साइबर ठगी में पैसे का नुकसान हुआ है तो शिकायत करते समय बैंक या वॉलेट का नाम, ट्रांजैक्शन आईडी या UTR नंबर, लेन-देन की तारीख और ठगी की रकम जैसी जानकारी मांगी जा सकती है। इसके अलावा SMS, ई-मेल, संदिग्ध मोबाइल नंबर, वेबसाइट लिंक, स्क्रीनशॉट और चैट जैसे उपलब्ध डिजिटल सबूत भी सुरक्षित रखें।

देरी से बढ़ सकता है नुकसान

साइबर ठगी में समय बेहद महत्वपूर्ण है। ठगी की रकम कई खातों या डिजिटल माध्यमों के जरिए तेजी से आगे भेजी जा सकती है। इसलिए घटना का पता चलते ही बैंक से संपर्क करने के साथ 1930 पर रिपोर्ट करना और National Cyber Crime Reporting Portal पर शिकायत दर्ज करना चाहिए। सरकार के अनुसार CFCFRMS का उद्देश्य ही वित्तीय धोखाधड़ी की तत्काल रिपोर्टिंग और ठगी की रकम को आगे जाने से रोकने में सहायता करना है।

फर्जी कॉल और लिंक से भी रहें सावधान

साइबर अपराध से बचने के लिए अनजान व्यक्ति के साथ OTP, UPI PIN, बैंकिंग पासवर्ड या अन्य संवेदनशील जानकारी साझा न करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने और अनजान APK या ऐप डाउनलोड करने से भी बचें। यदि कोई व्यक्ति बैंक, पुलिस, सरकारी विभाग या किसी कंपनी का अधिकारी बनकर तत्काल भुगतान या जानकारी देने का दबाव बनाए तो पहले उसकी पहचान की पुष्टि करें।

साइबर सुरक्षा का सबसे महत्वपूर्ण नियम है—ठगी होने के बाद इंतजार न करें। तुरंत रिपोर्ट करें, सबूत सुरक्षित रखें और आधिकारिक माध्यमों का ही इस्तेमाल करें।

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