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बिहार की लोक-कला और थिएटर्स: पटना के कालिदास रंगालय में सजेंगी सांस्कृतिक शामें

पटना (NewsNxtBihar): बिहार की सांस्कृतिक धड़कन कहे जाने वाले पटना के गांधी मैदान (दक्षिण-पूर्व) स्थित ऐतिहासिक कालिदास रंगालय का ₹7.10 करोड़ की लागत से भव्य कायाकल्प हो चुका है। इसके साथ ही राजधानी के कला-प्रेमियों और रंगकर्मियों का लंबा इंतजार अब खत्म हो रहा है। कालिदास रंगालय अब नए आधुनिक अवतार में नाटकों, लोक-कलाओं और सांस्कृतिक संध्याओं के मंचन के लिए तैयार है।

🎭 कालिदास रंगालय के नए अवतार की मुख्य खासियतें

  1. पूर्णतः वातानुकूलित (Centrally AC Auditorium):
    • भीषण गर्मी के दौरान कलाकारों और दर्शकों दोनों को होने वाली समस्याओं से पूरी तरह राहत मिलेगी। मंच पर भारी मेकअप के साथ प्रस्तुति देना अब कलाकारों के लिए सुगम होगा।
  2. 300 सीटों वाला आधुनिक सिटिंग अरेंजमेंट:
    • प्रेक्षागृह (ऑडिटोरियम) में 300 प्रीमियम क्वालिटी की पुश-बैक कुर्सियां लगाई गई हैं, जिससे दर्शकों को देखने का एक विश्वस्तरीय अनुभव मिलेगा।
  3. भव्य स्टेज और इंटरनेशनल साउंड-लाइट सिस्टम:
    • नया स्टेज 55 फीट × 43 फीट का बनाया गया है, जो बड़े और 3D सेट वाले नाटकों के अनुकूल है।
    • उच्च गुणवत्ता वाले साउंड प्रूफ़िंग (Acoustic Panelling), वुडन फ्लोरिंग और डिजिटल लाइटिंग सिस्टम से हॉल को लैस किया गया है।
  4. कलाकारों के लिए खास सुविधाएं:
    • कलाकारों के लिए अटैच्ड वॉशरूम वाले हाई-टेक ग्रीन रूम्स और बाहर से आने वाले कलाकारों के लिए परिसर में ही गेस्ट हाउस विकसित किया गया है।
    • परिसर में दर्शकों के लिए ‘अन्नपूर्णा कैफ़ेटेरिया’ भी शुरू किया जा रहा है।

🎨 बिहार की लोक-कला और थिएटर्स को मिलेगा नया जीवन

बिहार आर्ट थिएटर द्वारा संचालित कालिदास रंगालय का इतिहास दशकों पुराना है। वर्ष 1974 में स्थापित इस मंच ने बिहार के रंगमंच आंदोलन को हमेशा जीवित रखा है।

  • लोक-नाट्यों का मंचन: मैथिली, भोजपुरी, मगही और अंगिका भाषा में बने प्रसिद्ध सामाजिक व पौराणिक नाटकों का नियमित मंचन होगा।
  • नए कलाकारों को मंच: थियेटर वर्कशॉप्स, संगीत, नृत्य, और पेंटिंग की कक्षाओं के जरिए बिहार के युवा कलाकारों को तराशा जाएगा।
  • सांस्कृतिक शामें: बिदेसिया, डोमकच, जाट-जटिन जैसी पारंपरिक लोक-कलाओं और समकालीन थियेटर नाटकों की प्रस्तुतियां शाम के वक्त दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बनेंगी।

NewsNxtBihar टेक: गांधी मैदान के कोने में स्थित यह सांस्कृतिक केंद्र एक बार फिर पटना की शामों को संगीत, संवाद और नाटक के रंगों से सरोबार करने के लिए पूरी तरह तैयार है!

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