
बॉलीवुड में नए प्रोजेक्ट्स और OTT का नया दौर: घिसे-पिटे फॉर्मूले खत्म, असल कहानियों और कंटेंट की मांग बढ़ी
मुंबई:
भारतीय सिनेमा और ओटीटी (OTT) स्पेस में इन दिनों एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। बड़े-बड़े स्टार्स और भारी-भरकम बजट के बजाय दर्शक अब नई, रियलिस्टिक और कंटेंट-संचालित कहानियों को तरजीह दे रहे हैं। इसी मांग को देखते हुए बॉलीवुड के प्रमुख प्रोडक्शन हाउस और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स ने अपने नए प्रोजेक्ट्स की रणनीति पूरी तरह बदल दी है।
OTT प्लेटफॉर्म्स पर असल कहानियों का दबदबा
ओटीटी प्लेटफॉर्म्स (Netflix, Prime Video, JioHotstar आदि) पर थ्रिलर, पीरियड ड्रामा और वास्तविक घटनाओं से प्रेरित शो की मांग में जबरदस्त इजाफा हुआ है:
- ऐतिहासिक और बायोपिक ड्रामा: देश की ऐतिहासिक घटनाओं और बड़े व्यक्तित्वों पर आधारित कंटेंट दर्शकों को खूब भा रहा है। इम्तियाज अली की देशभक्ति व भावनात्मक ड्रामा ‘मैं वापस आऊंगा’ और 1999 के कारगिल युद्ध पर आधारित ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ जैसी वेब सीरीज इसके प्रत्यक्ष उदाहरण हैं।
- लीगल व क्राइम थ्रिलर: उज्ज्वल निकम की जीवनी पर आधारित राजकुमार राव की ‘प्रहार’ और छोटे कस्बों की इन्वेस्टिगेटिव मिस्ट्री पर आधारित ‘बबीता सिंह रिपोर्टिंग’ जैसे प्रोजेक्ट्स दिखा रहे हैं कि कोर्टरूम और इनवेस्टिगेशन आधारित ड्रामा की काफी डिमांड है।
ओटीटी और फिल्मों के लिए नए प्रोजेक्ट्स का शेड्यूल
| प्रोजेक्ट / सीरीज | मुख्य कलाकार | जॉनर (Genre) | प्लेटफॉर्म / माध्यम |
| ऑपरेशन सफेद सागर | सिद्धार्थ, जिमी शेरगिल, प्राजक्ता कोली | मिलिट्री / देशभक्ति ड्रामा | Netflix |
| प्रहार: द उज्ज्वल निकम स्टोरी | राजकुमार राव | लीगल बायोपिक | JioHotstar |
| बबीता सिंह रिपोर्टिंग | निमिषा सजयन, बरुण सोबती | क्राइम-इन्वेस्टिगेशन थ्रिलर | Prime Video |
| वेलकम टू द जंगल | अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, परेश रावल | कॉमेडी / एंटरटेनर | थियेटर एवं ओटीटी |
सितारों की बदलती तैयारियां
बदलती मांग के कारण बॉलीवुड के दिग्गज और नए सितारे भी अपनी भूमिकाओं के साथ बड़े प्रयोग कर रहे हैं:
- करैक्टर-ओरिएंटेड रोल: हीरो-हीरोइन की पारंपरिक परिभाषा से बाहर निकलकर सितारे अब अपनी अभिनय क्षमता पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
- वर्कशॉप्स और बॉडी लैंग्वेज: पुलिस, सेना या वास्तविक व्यक्तियों के किरदार निभाने के लिए एक्टर्स महीनों की कड़ी ट्रेनिंग और भाषा/बोली (डायलैक्ट) सीखने पर समय बिता रहे हैं।
- रीजनल और पैन-इंडिया सिनेमा से जुड़ाव: अब बॉलीवुड और साउथ सिनेमा के कलाकार एक साथ ओटीटी और फिल्मों में काम कर रहे हैं, जिससे क्षेत्रीय सीमाओं से परे विषय-वस्तु (कंटेंट) को वैश्विक पहचान मिल रही है।
ट्रेड एनालिस्ट्स की राय:
“दर्शकों के पास अब दुनिया भर का कंटेंट उंगलियों पर उपलब्ध है। यही वजह है कि सिर्फ स्टार पावर के दम पर फिल्में चलाना मुश्किल हो गया है। ओटीटी ने नए लेखकों, निर्देशकों और अभिनेताओं के लिए रास्ते खोले हैं, जहां कहानी ही सबसे बड़ी ‘सुपरस्टार’ है।”












