
बिहार को मिलेगा व्यापार का नया ग्लोबल हब: पटना में बनेगा वर्ल्ड ट्रेड सेंटर, 4000 करोड़ के निवेश की योजना तैयार
पटना:
राजधानी पटना को एक हाई-टेक और ग्लोबल स्टैंडर्ड वाले शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में बिहार सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने पटना में ‘वर्ल्ड ट्रेड सेंटर’ (World Trade Center) के निर्माण के प्रस्ताव को मंजूरी की ओर आगे बढ़ाया है, जिससे बिहार को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापार, निवेश और रोजगार का नया केंद्र बनाया जा सके।
हाल ही में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान इस संबंध में विस्तृत योजना और दिशा-निर्देश जारी किए गए।
₹4,000 करोड़ का निवेश और NBCC का प्रस्ताव
पटना को आधुनिक कॉर्पोरेट हब में तब्दील करने के लिए नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन लिमिटेड (NBCC) ने वर्ल्ड ट्रेड सेंटर निर्माण का खाका पेश किया है:
- निवेश और राजस्व: इस पूरे प्रोजेक्ट और इसके आसपास के पुनर्विकास कार्यों से राज्य में लगभग ₹4,000 करोड़ का निवेश आने की संभावना है। वहीं, आने वाले वर्षों में इससे करीब ₹8,000 करोड़ के राजस्व सृजन का अनुमान लगाया गया है।
- सरकारी भूमि का सदुपयोग: शहर में खाली पड़ी और जर्जर पुरानी सरकारी परिसंपत्तियों का दोबारा उपयोग कर आधुनिक व्यावसायिक परिसर और टाउनशिप विकसित किए जाएंगे।
- प्रमुख लोकेशन: बोरिंग कैनाल रोड, नेहरू पथ (बिहार म्यूजियम के सामने), गर्दनीबाग और भूतनाथ सेक्टर-6 जैसे इलाकों में भी पुनर्विकास की योजनाएं बनाई गई हैं।
2,000 एकड़ में पाटलिपुत्र टाउनशिप और अन्य शहरों का भी विस्तार
वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के साथ-साथ राज्य सरकार शहर के विस्तार और बुनियादी ढांचे को विश्वस्तरीय बनाने में जुटी है:
- पाटलिपुत्र टाउनशिप: लगभग 2,000 एकड़ भूमि पर एक आधुनिक ‘पाटलिपुत्र टाउनशिप’ और अन्य टाउनशिप के लिए 1,000 एकड़ अतिरिक्त जमीन पर विकास का मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है।
- अन्य प्रमुख जिले शामिल: केवल पटना ही नहीं, बल्कि गया, भागलपुर, बेगूसराय और दरभंगा जैसे शहरों में भी उपयुक्त सरकारी जमीन चिह्नित कर समेकित विकास योजनाएं (Integrated Development Plans) तैयार की जाएंगी।
‘जीरो वेस्ट मॉडल’ और आधुनिक पर्यावरण मानक
राज्य सरकार ने निर्माण कार्यों के लिए आधुनिक निर्माण तकनीकों के साथ-साथ सख्त पर्यावरणीय मानकों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। इस बहुमंजिला वर्ल्ड ट्रेड सेंटर प्रोजेक्ट में ‘जीरो वेस्ट मॉडल’ अपनाया जाएगा, जिससे पर्यावरण को कोई नुकसान न पहुंचे और संसाधनों का कुशल उपयोग हो सके।
व्यापार विशेषज्ञों की राय:
“पटना में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर बनने से आईटी सेक्टर, कॉर्पोरेट घरानों, अंतरराष्ट्रीय कंपनियों और बिहार के स्थानीय उद्यमियों व हस्तशिल्प (जैसे मखाना, कटारनी चावल और मण्जूषा-मधुबनी आर्ट) के लिए ग्लोबल मार्केट तक पहुंचना आसान होगा। इससे राज्य के युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही उच्च स्तरीय रोजगार के अवसर मिलेंगे।”












