--विज्ञापन यहां--

बिहार के इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ेगा निजी निवेश, सड़क-कनेक्टिविटी मजबूत होने से कारोबार को मिल सकती है रफ्तार

बिहार में इंफ्रास्ट्रक्चर और बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने तथा आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार बड़े पैमाने पर कदम उठा रही है। निजी निवेश (Private Investment) को आकर्षित करने और सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए कई मेगा प्रोजेक्ट्स और एक्सप्रेसवे पर काम तेजी से चल रहा है।  

विशेषज्ञों और उद्योग जगत का मानना है कि सड़क नेटवर्क मजबूत होने से राज्य में लॉजिस्टिक्स, व्यापार और औद्योगीकरण की रफ्तार दोगुनी हो जाएगी।  

मुख्य बिंदु और प्रमुख परियोजनाएं:

₹2 लाख करोड़ से अधिक का निवेश: बिहार में वर्तमान में कई एक्सप्रेसवे और फोर-लेन परियोजनाओं पर लगभग ₹2.11 लाख करोड़ का निवेश किया जा रहा है।  

गंगा किनारे 126 किमी लंबा मरीन ड्राइव: गंगा नदी के किनारे कोइलवर से आगे तक बनने वाले 126 किलोमीटर लंबे मरीन ड्राइव प्रोजेक्ट में लगभग ₹70,000 करोड़ के निवेश का अनुमान जताया जा रहा है, जिससे पर्यटन और व्यवसाय को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।

बक्सर-भागलपुर 6-लेन एक्सप्रेसवे: 336 किलोमीटर लंबे इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को मंजूरी मिलने से बिहार के 13 जिलों को सीधा फायदा होगा और पूर्व-पश्चिम कनेक्टिविटी काफी मजबूत होगी।

पूर्वोत्तर और पड़ोसी राज्यों से बेहतर जुड़ाव: गोरखपुर-सिलीगुड़ी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे और वाराणसी-कोलकाता कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट्स के जरिए बिहार को पूर्वोत्तर भारत तथा अन्य औद्योगिक केंद्रों से सीधे जोड़ा जा रहा है।  

पहला SEZ और औद्योगिक पार्क: निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए राज्य में 250 एकड़ में पहला स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (SEZ) और ₹51,000 करोड़ से अधिक के औद्योगिक निवेश प्रस्तावों पर काम चल रहा है।

कारोबार और रोजगार पर असर:

सड़कों के चौड़ीकरण, बाईपास और फ्लाईओवर्स के निर्माण से माल ढुलाई (Freight Movement) का समय काफी कम हो जाएगा। इससे न केवल लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी, बल्कि राज्य के स्थानीय कृषि उत्पादों, हस्तशिल्प और नए उद्योगों को राष्ट्रीय स्तर के बाजारों तक आसान पहुंच मिलेगी, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।  

व्हाट्सएप से जुड़ें

अभी जुड़ें

टेलीग्राम से जुड़ें

अभी जुड़ें

इंस्टाग्राम से जुड़ें

अभी जुड़ें