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भारत के विदेशी मुद्रा भंडार ने बनाया नया रिकॉर्ड, $740.8 अरब के स्तर पर पहुंचा रिजर्व

नई दिल्ली: भारत के विदेशी मुद्रा भंडार ने एक बार फिर नया सर्वकालिक रिकॉर्ड बनाया है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, 28 अगस्त 2026 को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 11.475 अरब डॉलर बढ़कर 740.803 अरब डॉलर पहुंच गया। इससे पहले 21 अगस्त को यह 729.328 अरब डॉलर के स्तर पर था।

विदेशी मुद्रा भंडार में यह लगातार नौवें सप्ताह की बढ़ोतरी है। पिछले नौ सप्ताह में भारत के रिजर्व में करीब 75 अरब डॉलर की वृद्धि हुई है। मौजूदा स्तर इस साल फरवरी में दर्ज किए गए पिछले रिकॉर्ड 728.494 अरब डॉलर से भी अधिक है।

इस बढ़ोतरी में सबसे बड़ी भूमिका फॉरेन करेंसी एसेट्स (FCA) की रही। RBI के आंकड़ों के अनुसार, सप्ताह के दौरान FCA 9.337 अरब डॉलर बढ़कर 600.670 अरब डॉलर हो गया। वहीं देश के सोने के भंडार में भी 2.191 अरब डॉलर की वृद्धि हुई और यह 116.409 अरब डॉलर पहुंच गया।

रिजर्व में इस तेज वृद्धि के पीछे विदेशी मुद्रा के बड़े प्रवाह को प्रमुख कारण माना जा रहा है। RBI की ओर से जून में शुरू की गई विशेष योजनाओं के तहत विदेशी मुद्रा जमा और अन्य डॉलर प्रवाह को आकर्षित करने में सफलता मिली। 31 अगस्त तक इन योजनाओं के जरिए 136 अरब डॉलर से अधिक की राशि जुटाई गई, जिसमें लगभग 127 अरब डॉलर NRI जमा से आए।

मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार भारत की अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच माना जाता है। इससे RBI को जरूरत पड़ने पर विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप कर रुपये में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। रिकॉर्ड रिजर्व ऐसे समय में खास महत्व रखता है जब वैश्विक बाजारों में भू-राजनीतिक तनाव और मुद्रा बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।

हालांकि, इस बढ़ोतरी के साथ बैंकिंग सिस्टम में अतिरिक्त रुपये की तरलता भी बढ़ी है। इसी वजह से RBI ने 7 सितंबर को 30 दिन की 7 लाख करोड़ रुपये की वैरिएबल रेट रिवर्स रेपो (VRRR) नीलामी करने की घोषणा की है, ताकि अतिरिक्त तरलता को व्यवस्थित तरीके से सोखा जा सके।

भारत के विदेशी मुद्रा भंडार का 740.8 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचना देश की बाहरी वित्तीय स्थिति के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। आने वाले समय में विदेशी पूंजी प्रवाह, रुपये की चाल और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां यह तय करेंगी कि यह रिकॉर्ड स्तर कितना टिकाऊ रहता है।

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