
गया/पटना: बिहार के औद्योगिक परिदृश्य और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गया जिले के खिज़रसराय में 170 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले MSME टेक्नोलॉजी सेंटर (प्रौद्योगिकी केंद्र) का शिलान्यास किया गया। केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री जीतन राम मांझी और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने संयुक्त रूप से इस महत्वाकांक्षी परियोजना की आधारशिला रखी।
170 करोड़ का निवेश और आधुनिक ढांचा बिहार सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई 20 एकड़ जमीन पर इस अत्याधुनिक सेंटर का निर्माण किया जा रहा है।
- बजट आवंटन: कुल 170 करोड़ रुपये के बजट में से ₹86 करोड़ सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण पर और ₹84 करोड़ अत्याधुनिक मशीनों, उपकरणों और रोबोटिक्स लैब पर खर्च किए जाएंगे।
- हाई-टेक सुविधाएं: परिसर में प्रोडक्शन ब्लॉक, ट्रेनिंग ब्लॉक, प्रशासनिक भवन, मल्टीपर्पज हॉल और छात्र-छात्राओं के लिए हॉस्टल व स्टाफ क्वार्टर बनाए जाएंगे।
युवाओं और स्थानीय उद्योगों को क्या मिलेगा लाभ?
- 7,000 युवाओं को ट्रेनिंग: इस केंद्र के माध्यम से प्रतिवर्ष 7,000 से अधिक युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), सीएनसी (CNC) मशीनिंग, कैड/कैम (CAD/CAM) और रोबोटिक्स जैसी आधुनिक तकनीकों में प्रशिक्षित किया जाएगा।
- 1,000 से अधिक MSMEs को सपोर्ट: गया, औरंगाबाद, नवादा, जहानाबाद, नालंदा और मुंगेर जिलों की 1,000 से ज्यादा एमएसएमई इकाइयों को टूलिंग, मोल्ड मैन्युफैक्चरिंग और टेक्निकल कंसल्टेंसी की सुविधा मिलेगी।
- टेक्सटाइल और हैवी इंजीनियरिंग पर फोकस: मगध क्षेत्र में टेक्सटाइल और जनरल इंजीनियरिंग उद्योगों को नई पहचान दिलाने के लिए यहां विशेष टेस्टिंग लैब भी तैयार की जा रही हैं।
‘बिहार से अब पलायन नहीं, स्थानीय स्तर पर रोजगार’ शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य में त्वरित औद्योगिकीकरण के लिए एकल खिड़की प्रणाली (सिंगल विंडो क्लीयरेंस) लागू की गई है। वहीं केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि यह केंद्र मगध और आसपास के जिलों के लिए औद्योगिक क्रांति का माध्यम बनेगा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने खेल और युवाओं को बढ़ावा देने के लिए टेक्नोलॉजी सेंटर के पास ही 40 एकड़ सरकारी भूमि पर एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम निर्माण की भी घोषणा की।












