उत्तर प्रदेश के संभल स्थित बहुचर्चित शाही जामा मस्जिद और श्री हरिहर मंदिर विवाद की आंच अब पड़ोसी जिले मुरादाबाद तक पहुंच गई है। मुरादाबाद के व्यस्त बाजार इलाके में शिवसेना कार्यकर्ताओं द्वारा संभल कूच करने और जलाभिषेक करने के प्रयास के बाद भारी हंगामा देखने को मिला।
क्या है पूरा मामला और क्यों हुआ बवाल
- जलाभिषेक का ऐलान: शिवसेना के जिला प्रमुख वीरेंद्र अरोड़ा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने संभल स्थित विवादित हरिहर मंदिर परिसर की ओर पैदल मार्च करने और वहां पहुंचकर जलाभिषेक करने का ऐलान किया था।
- मुरादाबाद में पुलिस की बैरिकेडिंग: मामले की संवेदनशीलता और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मुरादाबाद पुलिस प्रशासन ने शहर के बुध बाजार इलाके में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए थे।
- झड़प और धक्का-मुक्की: जब शिवसेना कार्यकर्ता संभल की ओर आगे बढ़ने लगे, तो पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस, धक्का-मुक्की और जोरदार नारेबाजी हुई।
प्रशासनिक कार्रवाई और वर्तमान स्थिति
कानून-व्यवस्था को बिगड़ने से रोकने के लिए मुरादाबाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए शिवसेना के जिला प्रमुख सहित कई प्रमुख पदाधिकारियों और दर्जनों कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए जाने के बाद पुलिस प्रशासन ने मुरादाबाद और संभल के सीमावर्ती इलाकों में गश्त बढ़ा दी है और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी है।

मामले का ऐतिहासिक व कानूनी पृष्ठभूमि
यह पूरा विवाद संभल स्थित शाही जामा मस्जिद परिसर को लेकर है, जिसे लेकर हिंदू पक्ष का दावा है कि 1526 में बाबर के शासनकाल में हरिहर मंदिर के अवशेषों पर मस्जिद का निर्माण कराया गया था। यह मामला फिलहाल अदालत में विचाराधीन है और सुप्रीम कोर्ट तथा हाईकोर्ट के दिशानिर्देशों के तहत शांति बनाए रखने के आदेश दिए गए हैं।
इस घटना से संबंधित अपडेटेड वीडियो रिपोर्ट देखने के लिए Sambhal Harihar Mandir Moradabad News Video पर जाएं।
यह वीडियो मुरादाबाद के बुध बाजार में हुए हंगामे, पुलिस बैरिकेडिंग और शिवसेना कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की सीधी ग्राउंड रिपोर्ट प्रस्तुत करता है।













