
पटना: नेपाल और बिहार के कैचमेंट क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश के कारण गंगा नदी उफान पर है। पटना के गांधी घाट, दीघा घाट और हाथीदह में नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे राजधानी के तटीय और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
निचले इलाकों और दियारा में जलभराव गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण पटना के दियारा क्षेत्रों और तटीय निचले इलाकों में पानी घुसना शुरू हो गया है। कई घाटों के सीढ़ियां जलमग्न हो चुकी हैं, जिससे तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।
प्रशासनिक सतर्कता और तैयारियाँ:
- 24 घंटे निगरानी: जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन ने तटबंधों और सुरक्षा दीवारों की निगरानी के लिए विशेष टीमों को तैनात किया है।
- SDRF और NDRF अलर्ट पर: आपात स्थिति से निपटने के लिए गंगा घाटों और संवेदनशील इलाकों में SDRF और NDRF की टीमें और नावें तैनात कर दी गई हैं।
- बैरिकेडिंग और चेतावनी: खतरनाक घाटों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है और माइकिंग के जरिए लोगों को नदी के पास न जाने की चेतावनी दी जा रही है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने निचले और दियारा क्षेत्रों के निवासियों को सतर्क रहने तथा जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थलों व शरण स्थलों की ओर जाने की सलाह दी है।













