
ओरेगन, अमेरिका। वर्ल्ड एथलेटिक्स U20 चैंपियनशिप 2026 में भारतीय एथलीटों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रतियोगिता का अभियान तीन पदकों—दो रजत और एक कांस्य के साथ समाप्त किया। अमेरिका के ओरेगन में आयोजित इस प्रतियोगिता में भारत के युवा खिलाड़ियों ने अलग-अलग स्पर्धाओं में दमदार प्रदर्शन कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
भारत के खाते में पहला पदक भाला फेंक (Javelin Throw) में आया, जहां आशीष यादव ने रजत पदक अपने नाम किया। इसके बाद बसंत कुमार मेघवाल ने पुरुषों की हाई जंप में रजत पदक जीतकर इतिहास रचा। वहीं शहनवाज खान ने पुरुषों की लॉन्ग जंप में कांस्य पदक हासिल किया।
आशीष यादव ने भाला फेंक में जीता रजत
भारतीय दल के लिए प्रतियोगिता का पहला बड़ा पदक आशीष यादव ने पुरुषों की जैवलिन थ्रो स्पर्धा में हासिल किया। आशीष ने 74.09 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ रजत पदक जीता।
उनके प्रदर्शन ने भारत को U20 विश्व चैंपियनशिप में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दिलाई। आशीष की सफलता को भारतीय भाला फेंक के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इस स्पर्धा में नीरज चोपड़ा के बाद भारत की नई पीढ़ी के खिलाड़ियों से काफी उम्मीदें जुड़ी हैं।
बसंत कुमार मेघवाल ने हाई जंप में रचा इतिहास
भारत के बसंत कुमार मेघवाल ने पुरुषों की हाई जंप स्पर्धा में रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया। बसंत ने 2.21 मीटर की ऊंचाई पार की और भारत को इस स्पर्धा में U20 विश्व चैंपियनशिप का पहला पदक दिलाया।
उनके प्रदर्शन ने भारतीय एथलेटिक्स में हाई जंप के भविष्य को लेकर उम्मीदें बढ़ाई हैं। युवा खिलाड़ी ने विश्व स्तर के मंच पर दबाव के बीच शानदार प्रदर्शन करते हुए पोडियम पर जगह बनाई।
शहनवाज खान ने लॉन्ग जंप में जीता कांस्य
पुरुषों की लॉन्ग जंप में शहनवाज खान ने भारत के लिए कांस्य पदक हासिल किया। उन्होंने 7.84 मीटर की छलांग लगाकर तीसरा स्थान हासिल किया।
इस प्रदर्शन के साथ शहनवाज ने भी भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया। उनकी छलांग ने भारत के पदकों की संख्या को तीन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भारत के खाते में दो रजत और एक कांस्य
वर्ल्ड एथलेटिक्स U20 चैंपियनशिप में भारत का अंतिम पदक रिकॉर्ड इस प्रकार रहा:
| खिलाड़ी | स्पर्धा | पदक |
|---|---|---|
| आशीष यादव | पुरुष जैवलिन थ्रो | 🥈 रजत |
| बसंत कुमार मेघवाल | पुरुष हाई जंप | 🥈 रजत |
| शहनवाज खान | पुरुष लॉन्ग जंप | 🥉 कांस्य |
भारत ने दो रजत और एक कांस्य, कुल तीन पदकों के साथ प्रतियोगिता समाप्त की। यह प्रदर्शन भारत के पिछले U20 विश्व चैंपियनशिप अभियानों की पदक संख्या के बराबर रहा।
नीरज चोपड़ा ने युवा एथलीटों का बढ़ाया हौसला
भारत के ओलंपिक और विश्व चैंपियन भाला फेंक खिलाड़ी Neeraj Chopra ने भी भारतीय U20 टीम के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने युवा एथलीटों को इस प्रदर्शन से मिले आत्मविश्वास को आगे बढ़ाने और लगातार मेहनत जारी रखने का संदेश दिया।
नीरज की प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब भारतीय एथलेटिक्स में युवा खिलाड़ियों की एक नई पीढ़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रही है।
कुछ स्पर्धाओं में पदक से चूका भारत
जहां भारत ने तीन पदक जीते, वहीं कुछ स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ी पोडियम से थोड़े अंतर से दूर रहे। महिला हाई जंप में पूजा सिंह फाइनल में सातवें स्थान पर रहीं और पदक हासिल नहीं कर सकीं। भारतीय मिश्रित रिले टीम भी पदक की दौड़ में जगह नहीं बना सकी।
इसके बावजूद भारतीय दल का प्रदर्शन युवा एथलेटिक्स के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। अलग-अलग स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता में सुधार देखने को मिला है।
युवा एथलीटों के लिए बड़ी उपलब्धि
वर्ल्ड Athletics U20 चैंपियनशिप में तीन पदक जीतना भारतीय एथलेटिक्स के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। खासकर हाई जंप और लॉन्ग जंप जैसी स्पर्धाओं में पदक मिलना इस बात का संकेत है कि भारत का प्रदर्शन अब केवल कुछ चुनिंदा एथलेटिक्स इवेंट तक सीमित नहीं रह गया है।
युवा खिलाड़ियों का यह प्रदर्शन आने वाले वर्षों में भारत के सीनियर स्तर के एथलेटिक्स दल के लिए भी उम्मीद जगाता है। अगर इन खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का अनुभव और मजबूत सपोर्ट सिस्टम मिलता रहा, तो आने वाले समय में वे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत के लिए पदक के दावेदार बन सकते हैं।
भारत के लिए उम्मीद की नई किरण
ओरेगन में तीन पदकों के साथ भारत का अभियान भले ही समाप्त हो गया हो, लेकिन आशीष यादव, बसंत कुमार मेघवाल और शहनवाज खान के प्रदर्शन ने भारतीय एथलेटिक्स के भविष्य की तस्वीर जरूर बेहतर की है।
दो रजत और एक कांस्य पदक के साथ भारत ने यह संकेत दिया है कि देश की युवा एथलेटिक्स प्रतिभाएं विश्व मंच पर तेजी से अपनी जगह बना रही हैं।













