पटना: बिहार में बढ़ते साइबर अपराध और ऑनलाइन धोखाधड़ी के खिलाफ सरकार ने जागरूकता अभियान को और तेज करने का फैसला लिया है। अब लोगों को साइबर ठगी से बचाने और घटना की तुरंत सूचना देने के लिए सुधा दूध के पैकेट और बिजली बिल पर साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 प्रदर्शित किया जाएगा। इसका उद्देश्य आम लोगों तक साइबर अपराध की शिकायत के लिए जरूरी जानकारी आसानी से पहुंचाना है।
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने शुक्रवार को साइबर अपराध से जुड़ी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में इस संबंध में जानकारी दी। बैठक में पुलिस महानिदेशक विनय कुमार समेत राज्य के सभी जिलों के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे। बैठक में साइबर अपराध की रोकथाम, डिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी के मामलों में कार्रवाई को लेकर विस्तार से समीक्षा की गई।
1930 नंबर को लेकर बढ़ाई जाएगी जागरूकता
बैठक में मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि साइबर धोखाधड़ी से जुड़ी शिकायत के लिए 1930 हेल्पलाइन नंबर का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार किया जाए। इसके लिए स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर साइबर जागरूकता संदेश प्रदर्शित करने के साथ-साथ ‘साइबर मंगलवार’ जैसे जागरूकता कार्यक्रमों को भी जारी रखने का निर्देश दिया गया।
साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर पीड़ितों को जल्द से जल्द 1930 पर शिकायत करने की सलाह दी जाती है। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है।
6,251 यूपीआई बैंक खातों का हुआ सत्यापन
समीक्षा बैठक में बताया गया कि राज्य में साइबर अपराध से जुड़े मामलों में कार्रवाई के तहत 6,251 यूपीआई बैंक खातों का सत्यापन किया गया। इन खातों का इस्तेमाल साइबर अपराध से जुड़ी गतिविधियों में किए जाने की जांच की गई। रिपोर्ट के अनुसार 702 लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई, जबकि 507 आरोपितों की गिरफ्तारी भी की गई।
सरकार और पुलिस की ओर से साइबर अपराध के संभावित हॉटस्पॉट क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
बिहार के चार जिले साइबर हॉटस्पॉट की सूची में
बैठक में साइबर अपराध के हॉटस्पॉट जिलों को लेकर भी जानकारी साझा की गई। देश के प्रमुख साइबर हॉटस्पॉट जिलों की सूची में बिहार के नवादा, नालंदा, पटना और शेखपुरा शामिल हैं।
रैंकिंग के अनुसार नवादा दूसरे, नालंदा चौथे, पटना सातवें और शेखपुरा 15वें स्थान पर बताया गया। इन जिलों में साइबर अपराध की रोकथाम के लिए पुलिस को विशेष निगरानी और त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
16,593 मामलों में कार्रवाई
साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों के निपटारे को लेकर भी बैठक में आंकड़े साझा किए गए। बिहार में साइबर पीड़ितों को पैसे वापस दिलाने से जुड़े 16,593 मामले तैयार किए गए हैं। इनमें से 5,642 मामलों में पुलिस द्वारा कार्रवाई कर 224.53 लाख रुपये की राशि बहाली के आदेश जारी किए जा चुके हैं।
सरकार की ओर से साइबर ठगी के मामलों में पीड़ितों को राहत दिलाने और शिकायतों के त्वरित निपटारे पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
डिजिटल अरेस्ट पर भी होगी सख्ती
बैठक में डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराध के नए तरीकों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि लोगों को ऐसे मामलों के प्रति जागरूक किया जाए, जिसमें साइबर अपराधी पुलिस, सीबीआई, ईडी या अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बनकर लोगों को डराते हैं और पैसे की मांग करते हैं।
सरकार का फोकस अब साइबर अपराध होने के बाद कार्रवाई के साथ-साथ अपराध से पहले लोगों को जागरूक करने पर भी है। इसी उद्देश्य से रोजमर्रा की चीजों जैसे दूध के पैकेट और बिजली बिल पर हेल्पलाइन नंबर 1930 उपलब्ध कराने का फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
याद रखें: साइबर ठगी हो तो तुरंत 1930 पर कॉल करें
ऑनलाइन ठगी होने के बाद समय गंवाए बिना 1930 पर शिकायत करना जरूरी है। इसके अलावा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है।












