
नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से विस्तार ने दुनिया भर में डेटा सेंटर बनाने की रफ्तार बढ़ा दी है। AI मॉडल्स को चलाने के लिए बड़े पैमाने पर कंप्यूटिंग क्षमता, बिजली और अत्याधुनिक कूलिंग सिस्टम की जरूरत पड़ रही है। इससे टेक कंपनियों के साथ अब इंश्योरेंस सेक्टर के सामने भी नए और जटिल जोखिम खड़े हो रहे हैं।
AI डेटा सेंटर अब पारंपरिक सर्वर सुविधाओं से कहीं अधिक बड़े और जटिल होते जा रहे हैं। इनमें महंगे GPU, हाई-वोल्टेज पावर सिस्टम, बैकअप इंफ्रास्ट्रक्चर, लिक्विड कूलिंग और अत्याधुनिक नेटवर्किंग शामिल हैं। किसी एक सुविधा में आग, बिजली की समस्या, कूलिंग सिस्टम की खराबी या लंबे समय तक आउटेज होने पर नुकसान केवल इमारत तक सीमित नहीं रहता, बल्कि सेवाओं और कारोबार के स्तर पर भी करोड़ों डॉलर का प्रभाव पड़ सकता है।
अरबों डॉलर की संपत्तियों का बढ़ रहा बीमा जोखिम
स्विस री के अनुसार, डेटा सेंटर से जुड़े वैश्विक इंश्योरेंस प्रीमियम का बाजार 2030 तक बढ़कर करीब 24.2 अरब डॉलर हो सकता है, जो वर्तमान अनुमानित 10.6 अरब डॉलर से दोगुने से भी अधिक है। इसकी एक बड़ी वजह AI इंफ्रास्ट्रक्चर में लगातार बढ़ रहा निवेश है।
लेकिन बढ़ते कारोबार के साथ बीमा कंपनियों के लिए जोखिम भी बढ़ रहा है। बड़े AI डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स में निर्माण लागत कई अरब डॉलर तक पहुंच सकती है और GPU तथा अन्य तकनीकी उपकरण लगाए जाने के बाद कुल संपत्ति मूल्य और भी बढ़ जाता है। ऐसे में किसी एक बड़े नुकसान की स्थिति में बीमा कंपनियों और पुनर्बीमा कंपनियों पर भारी भुगतान का दबाव आ सकता है।
आग और कूलिंग सिस्टम से लेकर बिजली तक चुनौती
AI डेटा सेंटर में इस्तेमाल होने वाली लिथियम बैटरियां आग के जोखिम को बढ़ा सकती हैं, जबकि लिक्विड कूलिंग सिस्टम से पानी या अन्य तरल पदार्थ के रिसाव का खतरा भी मौजूद है। इसके अलावा डेटा सेंटर की लगातार बिजली की जरूरत और ऑन-साइट पावर जनरेशन तथा बैटरी स्टोरेज जैसी व्यवस्थाएं जोखिम का एक और स्तर जोड़ रही हैं।
प्राकृतिक आपदाएं भी बड़ी चिंता हैं। Allianz Commercial के मुताबिक, दुनिया की लगभग 80 फीसदी डेटा सेंटर क्षमता ऐसे क्षेत्रों में स्थित है जहां प्राकृतिक आपदाओं का जोखिम अपेक्षाकृत अधिक है। बड़े तूफान, बाढ़, भूकंप और अत्यधिक गर्मी जैसी घटनाएं डेटा सेंटर के संचालन को प्रभावित कर सकती हैं।
आउटेज का नुकसान इमारत से कहीं ज्यादा
इंश्योरेंस कंपनियों की चिंता केवल भौतिक नुकसान तक सीमित नहीं है। AI सेवाओं पर निर्भर कंपनियों के लिए डेटा सेंटर का कुछ समय के लिए बंद होना भी बेहद महंगा साबित हो सकता है। Allianz के अनुसार, किसी डेटा सेंटर में 5-10 मिलियन डॉलर का भौतिक नुकसान होने के बावजूद आउटेज से जुड़े दंड और अन्य लागत 100 मिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है।
इसके अलावा डेटा सेंटर की बढ़ती इंटरनेट कनेक्टिविटी और ऑपरेशनल टेक्नोलॉजी के कारण साइबर जोखिम भी महत्वपूर्ण हो गया है। यदि एक ही तकनीकी या साइबर घटना कई डेटा सेंटरों अथवा कई ग्राहकों को प्रभावित करती है तो बीमा कंपनियों के लिए एक साथ बड़े पैमाने पर क्लेम सामने आ सकते हैं।
AI बूम के साथ इंश्योरेंस मॉडल में बदलाव की जरूरत
AI डेटा सेंटर का तेजी से विस्तार बीमा कंपनियों को जोखिम का आकलन करने के पारंपरिक तरीकों पर दोबारा विचार करने के लिए मजबूर कर रहा है। नई तकनीक, बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर, सीमित ऐतिहासिक डेटा और एक ही स्थान पर अत्यधिक मूल्यवान उपकरणों की मौजूदगी के कारण अंडरराइटिंग पहले से अधिक जटिल हो रही है।
फिर भी यह क्षेत्र इंश्योरेंस कंपनियों के लिए बड़ा व्यावसायिक अवसर भी है। डेटा सेंटरों की संख्या और उनका मूल्य बढ़ने के साथ प्रॉपर्टी, बिजनेस इंटरप्शन, साइबर और अन्य विशेष बीमा उत्पादों की मांग बढ़ सकती है। आने वाले वर्षों में AI इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा और बीमा लागत टेक कंपनियों की कुल परियोजना लागत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकती है।













