--विज्ञापन यहां--

ग्रामीण इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी, बाढ़ प्रभावित परिवारों तक पहुंचाई जा रही मदद

पटना:

बिहार के विभिन्न जिलों में नदियों के उफान और लगातार हो रही बारिश के कारण ग्रामीण इलाकों में स्थिति गंभीर बनी हुई है। दर्जनों गांव पानी से घिरे हुए हैं, जिससे हजारों परिवारों का संपर्क जिला मुख्यालयों से टूट गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग, NDRF और SDRF की टीमों ने मोर्चा संभाल लिया है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत व बचाव कार्य तेजी से चलाया जा रहा है।

नावों के जरिए बांटे जा रहे राहत पैकेट

प्रशासन द्वारा जलजमाव वाले दूरदराज के गांवों तक पहुंचने के लिए मोटरबोट और नावों का सहारा लिया जा रहा है। बाढ़ से घिरे परिवारों के बीच सूखा राशन, भोजन के पैकेट, पीने का शुद्ध पानी, मोमबत्ती और तिरपाल का वितरण किया जा रहा है। इसके साथ ही, ऊंचे स्थानों और तटबंधों पर शरण लिए लोगों के लिए सामुदायिक रसोई (कम्युनिटी किचन) की शुरुआत की गई है, जहां प्रभावितों को दोनों समय का ताजा भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।

स्वास्थ्य और पशु राहत शिविर स्थापित

पानी से फैलने वाले संक्रामक रोगों और जलजनित बीमारियों को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से मेडिकल टीमों को नावों के जरिए गांवों में भेजा जा रहा है।

  • मेडिकल कैंप: राहत शिविरों में डॉक्टरों की तैनाती की गई है और क्लोरीन की गोलियां, ओआरएस पैकेट व एंटी-रेबीज दवाएं बांटी जा रही हैं।
  • पशु चारा वितरण: इंसानों के साथ-साथ मवेशियों के लिए भी चारे (भूसा) की व्यवस्था की जा रही है और पशु डॉक्टरों की टीमें पशुधन के टीकाकरण में जुटी हैं।
  • सुरक्षित स्थानों पर शिफ्टिंग: बाढ़ के पानी में फंसे बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है।

आपदा प्रबंधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि जिला प्रशासन चौबीसों घंटे स्थिति पर नजर बनाए हुए है। सभी प्रमुख तटबंधों की निगरानी की जा रही है और कंट्रोल रूम के माध्यम से जलस्तर व जलजमाव की पल-पल की जानकारी ली जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

व्हाट्सएप से जुड़ें

अभी जुड़ें

टेलीग्राम से जुड़ें

अभी जुड़ें

इंस्टाग्राम से जुड़ें

अभी जुड़ें

यह भी पढ़ें