पटना (NewsNextBihar): राज्य में बड़े पैमाने पर उद्योग लगाने, निजी निवेश खींचने और स्थानीय युवाओं को बड़े स्तर पर रोजगार देने के उद्देश्य से बिहार सरकार द्वारा “बिहार इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पैकेज (BIIPP)” की शुरुआत की गई है। इस नीति के तहत राज्य में ₹100 करोड़ या उससे अधिक का निवेश करने वाली कंपनियों के लिए विशेष प्रोत्साहन (Incentives) पैकेज तैयार किया गया है।

📌 योजना की मुख्य शर्तें और रियायतें (Detailed Highlights)
1. मुफ्त जमीन का प्रावधान (Free Land Allocation)
- ₹100 करोड़ + 1,000 रोजगार: जो औद्योगिक इकाइयां राज्य में ₹100 करोड़ या उससे अधिक का निवेश करेंगी और कम से कम 1,000 स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करेंगी, उन्हें BIADA (बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण) द्वारा 10 एकड़ तक की जमीन मुफ्त दी जाएगी।
- मेगा प्रोजेक्ट्स (₹1,000 करोड़+): ₹1,000 करोड़ से अधिक का निवेश करने वाली मेगा इकाइयों को 25 एकड़ तक की जमीन मुफ्त आवंटित करने का प्रावधान है।
- फॉर्च्यून 500 कंपनियां: वैश्विक स्तर पर पहचानी जाने वाली फॉर्च्यून 500 (Fortune 500) श्रेणी की कंपनियों को भी टोकन दर पर 10 एकड़ तक की जमीन निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।
2. वित्तीय प्रोत्साहन व सब्सिडी (Financial Incentives)
- 14 वर्षों तक 300% SGST रीइम्बर्समेंट: नई औद्योगिक इकाइयों को उनकी स्वीकृत प्रोजेक्ट कॉस्ट (Approved Project Cost) का 300% तक नेट SGST (राज्य वस्तु एवं सेवा कर) रीइम्बर्स (वापस) किया जाएगा, जिसकी अवधि 14 साल होगी।
- कैपिटल इन्वेस्टमेंट सब्सिडी (30%): संयंत्र व मशीनरी (Plant & Machinery) स्थापित करने के लिए निवेशकों को प्रोजेक्ट कॉस्ट पर 30% तक की कैपिटल सब्सिडी प्रदान की जाएगी।
- ब्याज सब्सिडी (Interest Subvention): बैंक टर्म लोन पर निवेशकों को ₹40 करोड़ तक की ब्याज सब्सिडी का लाभ भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
3. अन्य अतिरिक्त सुविधाएं (Other Key Benefits)
- 100% स्टाम्प ड्यूटी व लैंड कंवर्जन छूट: जमीन की खरीद या लीज और कृषि भूमि को औद्योगिक भूमि में बदलने (Land Conversion) पर लगने वाली फीस और स्टाम्प शुल्क का 100% पुनर्भुगतान किया जाएगा।
- ईएसआई / ईपीएफ और स्किल सब्सिडी: स्थानीय कारीगरों व कर्मचारियों के रोजगार सृजन के लिए स्किल डेवलपमेंट और ईएसआई/ईपीएफ में भी सरकार वित्तीय मदद दे रही है।
💡 इस नीति का मुख्य उद्देश्य
सरकार का लक्ष्य आगामी वर्षों में राज्य में 1 करोड़ रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा करना है। इस नीति से बिहार में टेक्सटाइल, लेदर, एग्रो-प्रोसेसिंग, आईटी, और भारी विनिर्माण (Manufacturing) उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन नहीं करना पड़ेगा।












