मधुबनी (NewsNxtBihar): मिथिलांचल की सुप्रसिद्ध लोक-कला को वैश्विक पटल पर एक नया मुकाम दिलाने के लिए बिहार के मधुबनी (सौराठ स्थित ‘मिथिला चित्रकला संस्थान’) में एक अभूतपूर्व पहल की जा रही है। यहाँ करीब 200 स्थानीय कलाकार और छात्र-छात्राएं मिलकर एक ही विशाल कैनवास पर दुनिया की सबसे लंबी मिथिला पेंटिंग तैयार कर रहे हैं।
इस महा-कैनवास पर माता सीता और भगवान श्रीराम के जीवन दर्शन से जुड़े 51 पवित्र प्रसंगों को मिथिला की पारंपरिक चित्रकला शैली में जीवंत किया जा रहा है।

🎨 पेंटिंग की मुख्य खासियतें एवं प्रसंग
- स्थान: मिथिला चित्रकला संस्थान, सौराठ (मधुबनी)
- कलाकारों का दल: संस्थान के लगभग 200 युवा कलाकार और छात्र-छात्राएं दिन-रात इस पर काम कर रहे हैं।
- दिग्गजों का मार्गदर्शन: पेंटिंग को पूर्णता देने में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित वरिष्ठ कलाकार बौआ देवी, दुलारी देवी और शिव पासवान सहित कई वरिष्ठ प्रशिक्षक कलाकारों का मार्गदर्शन कर रहे हैं।
- 51 प्रमुख प्रसंग: इस विशाल कैनवास में भगवान राम के बाल्यकाल से लेकर धनुष यज्ञ, सीता-राम स्वयंवर, राम वनवास, केवट प्रसंग, जामवंत-हनुमान संवाद और लंका दहन जैसे रामायण के 51 प्रमुख विषयों को चित्रकारी और चौपाइयों के माध्यम से दर्शाया जा रहा है।
📜 15 अगस्त को माप और वर्ल्ड रिकॉर्ड का दावा
- माप व प्रदर्शनी: इस ऐतिहासिक कैनवास का निर्माण कार्य 10 अगस्त से जारी है और इसे स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के दिन संस्थान के संग्रहालय (म्यूजियम) में प्रदर्शित किया जाएगा।
- वर्ल्ड रिकॉर्ड प्रक्रिया: 15 अगस्त को ही ‘वर्ल्ड रिकॉर्ड यूनियन’ की टीम मौके पर पहुंचकर इस पेंटिंग की आधिकारिक माप करेगी और मानकों के अनुरूप पाए जाने पर इसे विश्व रिकॉर्ड के रूप में प्रमाणित किया जाएगा।
NewsNextBihar टेक: यह प्रयास केवल एक नया रिकॉर्ड बनाने के लिए नहीं, बल्कि मिथिला की पौराणिक विरासत और भगवान श्रीराम-माता सीता की पावन गाथा को पूरी दुनिया के सामने एक अनूठे रूप में प्रस्तुत करने का जरिया है।













