
मानसून में बिहार के कई जिलों में बारिश-वज्रपात का अलर्ट, बाहर निकलने से पहले रखें इन बातों का ध्यान
पटना। बिहार में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार राज्य में 17 से 19 अगस्त के बीच कई इलाकों में बारिश, गरज-चमक और वज्रपात की स्थिति बन सकती है। 17 अगस्त को बिहार में आकाशीय बिजली की गतिविधि विशेष रूप से तेज रहने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी है। ऐसे में घर से बाहर निकलने वाले लोगों, वाहन चालकों, किसानों और खुले स्थानों में काम करने वालों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
17 अगस्त को बढ़ेगा वज्रपात का खतरा
IMD के अनुसार 17 अगस्त को बिहार में moderate to severe lightning activity की संभावना है। इसके अलावा 16 से 19 अगस्त के बीच अलग-अलग स्थानों पर गरज के साथ बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है।
बारिश के दौरान सिर्फ पानी से ही नहीं, बल्कि बिजली गिरने से भी खतरा बढ़ जाता है। इसलिए बादलों की तेज गर्जना सुनाई देने पर खुले मैदान, खेत, तालाब और ऊंचे पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए।
17 से 19 अगस्त तक बारिश का दौर
मौसम विभाग के नवीनतम पूर्वानुमान में बिहार में 17 से 19 अगस्त तक fairly widespread to widespread rainfall की संभावना बताई गई है। वहीं 17 और 18 अगस्त के लिए बिहार में भारी बारिश तथा thunderstorm और lightning की चेतावनी दर्ज की गई है।
इस दौरान कुछ स्थानों पर तेज बारिश के कारण सड़कों पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने की स्थिति भी बन सकती है।
घर से निकलने से पहले क्या करें?
बारिश और वज्रपात के दौरान कुछ छोटी सावधानियां बड़े हादसे से बचा सकती हैं।
1. मौसम का अपडेट जरूर देखें
घर से निकलने से पहले अपने जिले का मौसम अपडेट और चेतावनी जरूर देख लें। अगर आपके इलाके में thunderstorm या lightning की चेतावनी है, तो अनावश्यक यात्रा टालना बेहतर है।
2. खुले मैदान में न रहें
आकाशीय बिजली के दौरान खेत, मैदान, छत या किसी खुले स्थान पर खड़े रहना जोखिम भरा हो सकता है।
अगर आप बाहर हैं और अचानक तेज गर्जना शुरू हो जाए, तो जल्द से जल्द किसी सुरक्षित पक्की इमारत के अंदर चले जाएं।
3. पेड़ के नीचे खड़े होने से बचें
बारिश से बचने के लिए अक्सर लोग पेड़ के नीचे खड़े हो जाते हैं। लेकिन वज्रपात के दौरान यह बेहद खतरनाक हो सकता है।
बड़े पेड़, बिजली के खंभे और ऊंची अकेली संरचनाओं से दूरी बनाए रखें।
4. बाइक और दोपहिया वाहन चलाते समय सावधानी
तेज बारिश में visibility कम हो जाती है। सड़क पर पानी भरने से गड्ढे दिखाई नहीं देते और दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।
बारिश बहुत तेज हो जाए तो सुरक्षित स्थान पर रुकना बेहतर है।
5. बिजली के उपकरणों से सावधान
तेज गरज-चमक के दौरान घर में अनावश्यक electrical appliances का इस्तेमाल कम करें। गीले हाथों से बिजली के स्विच या उपकरण न छुएं।
किसानों के लिए खास सलाह
बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग खेतों में काम करते हैं। वज्रपात की संभावना वाले समय में किसानों को खुले खेत में काम करने से बचना चाहिए।
अगर खेत में काम करते समय मौसम अचानक खराब हो जाए तो खुले खेत में खड़े रहने के बजाय सुरक्षित पक्के स्थान पर चले जाएं।
तालाब, नदी या अन्य जलस्रोतों के आसपास भी खराब मौसम के दौरान न जाएं।
जलभराव वाली सड़कों से रहें सावधान
तेज बारिश के बाद शहरों और ग्रामीण इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आ सकती है। ऐसे में:
- गहरे पानी में वाहन न उतारें।
- खुले नालों और मैनहोल से दूरी रखें।
- बच्चों को जलभराव वाले स्थानों से दूर रखें।
- बिजली के गिरे तारों से बिल्कुल दूर रहें।
- पानी में फंसे वाहन को जबरदस्ती स्टार्ट करने की कोशिश न करें।
बच्चों और बुजुर्गों का रखें विशेष ध्यान
बारिश और वज्रपात के दौरान बच्चों को घर के अंदर रखना बेहतर है। उन्हें छत, बालकनी या खुले मैदान में खेलने न दें।
बुजुर्गों को भी अनावश्यक यात्रा से बचाना चाहिए, खासकर जब तेज बारिश और आंधी की स्थिति बनी हो।
बिजली गिरने की स्थिति में क्या करें?
अगर आप खुले क्षेत्र में हैं और तुरंत सुरक्षित भवन उपलब्ध नहीं है, तो किसी नीची जगह की तलाश करें और ऊंची वस्तुओं से दूरी बनाएं।
पेड़, बिजली के खंभे, धातु की संरचनाओं और खुले जलस्रोतों के पास न जाएं।
सबसे सुरक्षित विकल्प है कि मौसम खराब होते ही किसी मजबूत इमारत के अंदर शरण ली जाए।
मौसम विभाग का आने वाले दिनों का पूर्वानुमान
IMD के ताजा बुलेटिन के अनुसार बिहार में 17-19 अगस्त के दौरान बारिश की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है। 17 अगस्त को विशेष रूप से वज्रपात की गतिविधि तेज रहने का अनुमान है।
मौसम की स्थिति जिले-दर-जिले अलग हो सकती है, इसलिए स्थानीय चेतावनियों को प्राथमिकता देना जरूरी है।
बारिश और वज्रपात के दौरान ये गलतियां न करें
| गलती | क्यों खतरनाक |
|---|---|
| पेड़ के नीचे खड़ा होना | वज्रपात का खतरा |
| खुले मैदान में रहना | बिजली गिरने का जोखिम |
| जलभराव में वाहन चलाना | दुर्घटना/वाहन फंसने का खतरा |
| बिजली के गिरे तार को छूना | करंट लग सकता है |
| तालाब/नदी के पास जाना | बिजली और डूबने का खतरा |
| बच्चों को बाहर खेलने देना | अचानक मौसम खराब हो सकता है |
निष्कर्ष
बिहार में मानसून की सक्रियता के बीच अगले कुछ दिनों में बारिश के साथ वज्रपात का खतरा बना हुआ है। खासकर 17 अगस्त को आकाशीय बिजली की गतिविधि तेज रहने का अनुमान है।
ऐसे मौसम में सबसे जरूरी है कि लोग मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लें, अनावश्यक यात्रा से बचें और बारिश के दौरान खुले स्थानों से दूर रहें।
बारिश से बचना जरूरी है, लेकिन वज्रपात के दौरान सही जगह पर रहना उससे भी ज्यादा जरूरी है।
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