पटना (NewsNextBihar): राज्य में बढ़ते साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी और फर्जी कॉल सेंटरों के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOU) और बिहार की साइबर पुलिस टीम ने एक बड़ा और सख्त संयुक्त अभियान चलाया है। राजधानी पटना के विभिन्न इलाकों में चल रहे अवैध गिरोहों का भंडाफोड़ करने के साथ-साथ जिला स्तर पर भी पेंडिंग केसों को निपटाने और पीड़ितों के पैसे वापस कराने के लिए व्यापक रणनीति अपनाई जा रही है।

🛑 1. पटना के सगुना मोड़ और रूपसपुर में छापेमारी: अवैध कॉल सेंटरों का खुलासा
बिहार पुलिस और ईओयू की विशेष टीमों ने गुप्त सूचना के आधार पर पटना के सगुना मोड़ और रूपसपुर थाना क्षेत्रों में स्थित तीन से अधिक ठिकानों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की।
- फर्जी सेवाओं का झांसा: ये गिरोह फर्जी वेबसाइट्स और डेटाबेस के जरिए लोगों को ऑनलाइन डिजिटल सर्विसेज, बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) सेवाएं और फर्जी आधार केंद्र (Aadhaar Centre) खोलने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी कर रहे थे।
- कॉल सेंटर स्टाइल में काम: रेड के दौरान मौके पर दर्जनों लोग कंप्यूटर सेट और हेडफोन लगाकर सीधे देश-प्रदेश के लोगों को कॉल करते पकड़े गए।
💻 2. भारी मात्रा में डिजिटल गैजेट्स और फर्जी दस्तावेज जब्त
पुलिस द्वारा चलाए गए इस सर्च ऑपरेशन के दौरान साइबर अपराधियों के पास से डिजिटल अपराध में इस्तेमाल होने वाली संपत्तियों की बड़ी खेप बरामद की गई है:
- बरामद सामान: 19 से अधिक हाई-टेक लैपटॉप, डेस्कटॉप, 50 से अधिक स्मार्टफोन और मोबाइल सेट।
- फर्जी दस्तावेज व सिम: दर्जनों फर्जी सिम कार्ड, जाली आईडी प्रूफ, बैंक पासबुक और 12 से अधिक एटीएम/डेबिट कार्ड जब्त किए गए।
- डेटा की जांच: जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की फॉरेंसिक जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और कितने करोड़ की अवैध कमाई की है।
⚡ 3. बांका, मुंगेर और भागलपुर में SP का कड़ा रुख: राशि तुरंत होगी होल्ड/फ्रीज
राजधानी में कार्रवाई के साथ-साथ राज्य के अन्य प्रमुख जिलों में भी साइबर थानों को अलर्ट मोड पर रखा गया है:
- लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन: बांका, मुंगेर, और भागलपुर सहित विभिन्न जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) ने साइबर थानों के साथ समीक्षा बैठक कर लंबे समय से लंबित कांडों को जल्द से जल्द निष्पादित करने का कड़ा निर्देश दिया है।
- अकाउंट फ्रीज कराने पर जोर: एसपी स्तर से स्पष्ट आदेश दिया गया है कि साइबर ठगी की शिकायत मिलते ही पीड़ित के खाते से ट्रांसफर की गई रकम को अपराधी के बैंक अकाउंट में तत्काल होल्ड या फ्रीज (Hold/Freeze) कराया जाए, ताकि पीड़ितों को उनका पैसा वापस मिल सके।
NewsNxtBihar टेक: बिहार पुलिस और आर्थिक अपराध इकाई की इस ऑल-आउट कार्रवाई से साइबर ठगों का नेटवर्क ध्वस्त हो रहा है। प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध कॉल या ऑनलाइन ऑफर के झांसे में न आएं और ठगी होते ही तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं!












