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अब पंचायत भवनों में बनेंगे आधार कार्ड: ग्रामीणों को प्रखंड मुख्यालयों के चक्कर काटने से मिली मुक्ति

पटना (NewsNxtBihar): बिहार के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लाखों लोगों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। अब नया आधार कार्ड बनवाने या उसमें किसी भी तरह के सुधार (अपडेट) के लिए ग्रामीणों को प्रखंड (ब्लॉक) मुख्यालय, डाकघर या शहरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। पंचायती राज विभाग ने राज्य की सभी 8,053 ग्राम पंचायतों (पंचायत सरकार भवनों) में ही ‘आधार सेवा केंद्र’ शुरू करने का फैसला किया है।

पंचायती राज विभाग इस योजना को जमीनी स्तर पर उतारने के लिए तेजी से काम कर रहा है, ताकि ग्रामीणों के समय और पैसे दोनों की बचत हो सके।

📌 योजना से जुड़ी प्रमुख बातें (Key Highlights)

  • पंचायत स्तर पर सेवाएं: अब गांव के पंचायत सरकार भवन में ही नया आधार नामांकन (Enrolment) और नाम, पता, जन्मतिथि, बायोमेट्रिक व मोबाइल नंबर अपडेट की सुविधा मिलेगी।
  • CSC संभालेगा संचालन: पंचायती राज विभाग पंचायत भवनों में कंप्यूटर व आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराएगा, जबकि संचालन का जिम्मा कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के प्रशिक्षित ऑपरेटर संभालेंगे।
  • 64 नागरिक सुविधाएं एक छत के नीचे: पंचायत सरकार भवनों को डिजिटल सेवा केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहाँ आधार के अलावा जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र सहित लगभग 64 तरह की डिजिटल और नागरिक सुविधाएं मिलेंगी।
  • विशेष वर्गों को राहत: इस व्यवस्था से सबसे ज्यादा राहत बुजुर्गों, महिलाओं, छात्रों और दिव्यांगजनों को मिलेगी, जिन्हें बायोमेट्रिक या फोटो अपडेट के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी।

💡 क्यों पड़ी इस पहल की जरूरत?

अब तक ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को छोटे-छोटे सुधार या नए आधार के लिए 10 से 20 किलोमीटर दूर प्रखंड कार्यालय या जिला केंद्रों पर जाना पड़ता था। वहाँ लंबी लाइनों, बिचौलियों और सर्वर डाउन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था।

पंचायत स्तर पर आधार केंद्र शुरू होने से पारदर्शी व्यवस्था कायम होगी और सरकारी योजनाओं (जैसे राशन, पेंशन, पीएम किसान और अपार आईडी/छात्रवृत्ति) के लिए आधार से जुड़ी प्रक्रियाएं गांव में ही पूरी हो सकेंगी।

NewsNxtBihar टेक-अवे: राज्य सरकार का यह कदम ग्रामीण बिहार के डिजिटल सशक्तिकरण में मील का पत्थर साबित होगा। अब हर गांव का अपना ‘डिजिटल केंद्र’ होगा, जिससे आम जनमानस की ब्लॉक पर निर्भरता पूरी तरह खत्म हो जाएगी!

पंचायती राज विभाग इस योजना को जमीनी स्तर पर उतारने के लिए तेजी से काम कर रहा है, ताकि ग्रामीणों के समय और पैसे दोनों की बचत हो सके।

📌 योजना से जुड़ी प्रमुख बातें (Key Highlights)

  • पंचायत स्तर पर सेवाएं: अब गांव के पंचायत सरकार भवन में ही नया आधार नामांकन (Enrolment) और नाम, पता, जन्मतिथि, बायोमेट्रिक व मोबाइल नंबर अपडेट की सुविधा मिलेगी।
  • CSC संभालेगा संचालन: पंचायती राज विभाग पंचायत भवनों में कंप्यूटर व आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराएगा, जबकि संचालन का जिम्मा कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के प्रशिक्षित ऑपरेटर संभालेंगे।
  • 64 नागरिक सुविधाएं एक छत के नीचे: पंचायत सरकार भवनों को डिजिटल सेवा केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहाँ आधार के अलावा जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र सहित लगभग 64 तरह की डिजिटल और नागरिक सुविधाएं मिलेंगी।
  • विशेष वर्गों को राहत: इस व्यवस्था से सबसे ज्यादा राहत बुजुर्गों, महिलाओं, छात्रों और दिव्यांगजनों को मिलेगी, जिन्हें बायोमेट्रिक या फोटो अपडेट के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी।

💡 क्यों पड़ी इस पहल की जरूरत?

अब तक ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को छोटे-छोटे सुधार या नए आधार के लिए 10 से 20 किलोमीटर दूर प्रखंड कार्यालय या जिला केंद्रों पर जाना पड़ता था। वहाँ लंबी लाइनों, बिचौलियों और सर्वर डाउन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था।

पंचायत स्तर पर आधार केंद्र शुरू होने से पारदर्शी व्यवस्था कायम होगी और सरकारी योजनाओं (जैसे राशन, पेंशन, पीएम किसान और अपार आईडी/छात्रवृत्ति) के लिए आधार से जुड़ी प्रक्रियाएं गांव में ही पूरी हो सकेंगी।

NewsNxtBihar टेक-अवे: राज्य सरकार का यह कदम ग्रामीण बिहार के डिजिटल सशक्तिकरण में मील का पत्थर साबित होगा। अब हर गांव का अपना ‘डिजिटल केंद्र’ होगा, जिससे आम जनमानस की ब्लॉक पर निर्भरता पूरी तरह खत्म हो जाएगी!

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